केसीसी बैंक बड़ा झटका 65 करोड़ के मुनाफे का दावा करने वाला कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक 45 करोड़ रुपये के घाटे में

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हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक ने 65 करोड़ के मुनाफे का दावा किया और पंजीयक सहकारी सभाएं के निर्देश पर कराए गए सालाना ऑडिट में सामने आई असली तस्वीर के दौरान बैंक 45 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहा है। बैंक ने एनपीए नियम तोड़कर करोड़ों के लोन जनता को बाँट दिए है। बैंक की ऐसी खस्ता वित्तीय हालत के बाद अब बैंकिंग पर लाइसेंस में भी खतरा मंडरा सकता है।

चौकाने वाली रिपोर्ट की अनुसार

हिमाचल प्रदेश के आधा दर्जन जिलों के लाखों उपभोक्ताओं को बैंकिंग सेवा उपलब्ध करवाने वाला कांगड़ा केंद्रीय सहकारी (KCC) बैंक की वित्तीय हालत बहुत खराब हो गयी है। जिस कारण बैंक भीषण संकट में आ गया है। कहा जा रहा है की बैंक पहली बार 45 करोड़ रुपये के घाटे में आया है। इस चौकाने वाली रिपोर्ट की अनुसार इस घाटे की जानकारी वित्त वर्ष 2018-19 के सालाना ऑडिट होने के बाद सामने आई है। जबकि बैंक प्रबंधन ने ऑडिट से पहले यह दावा किया था, कि बैंक 65 करोड़ के मुनाफे में है। यही नहीं आडिट में यह बात सामने आये है, की बैंक ने नियम तोड़कर बांटे करोड़ों के लोन की बजह से बैंक का नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) भी ऑडिट में 25 फीसदी से ज्यादा निकला है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को भेजी गयी रिपोर्ट

बैंक की ऑडिट रिपोर्ट रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), और पंजीयक सहकारी सभाएं (आरसीएस) को भेज दी गयी है। बताया जा रहा है, की बैंक की इस खराब हालत के बाद बैंक की बैंकिंग लाइसेंस पर खतरा मंडरा सकता है। सहकारी सभा धारा के तहत पंजीयक सहकारी सभाएं (RCS) को हर साल खुद या किसी सीए फर्म के जरिये प्रदेश के सहकारी बैंकों का ऑडिट कराना होता है। जिस दौरान बैंक की पूरी जानकारी सामने आती है।

45 करोड़ के घाटे में चल रहा है बैंक

इसी ऑडिट के साथ हर साल की तरह आरसीएस ने “चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्म डोगर एंड कंपनी” को (KCC) बैंक के वित्त वर्ष 2018-19 का ऑडिट करने की जिम्मेदारी दी गयी थी। ऑडिट होने से पहले केसीसी बैंक प्रबंधन ने मार्च 2018 में अपने वित्तीय लेखे जारी किये थे, जिस में उन्होंने बैंक को करीब 65 करोड़ रुपये के लाभ में होने की जानकारी दी थी। लेकिन सीए फर्म के ऑडिट में पता चला कि बैंक मुनाफे में नहीं बल्कि 45 करोड़ के घाटे में चल रहा है।

सरकार को लिखा विशेष ऑडिट कराने के लिए पत्र

इस हैरान कर देने वाले ऑडिट में बैंक की इस खस्ता हालत सामने आने के बाद फर्म ने नाबार्ड, आरबीआई और आरसीएस से बैंक का विशेष ऑडिट कराने की सिफारिश कर दी गयी है। जिस का कारण केसीसी बैंक से जुड़े लाखों उपभोक्ता हैं, ऐसे में ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद नाबार्ड ने इस मामले में बैंक का विशेष ऑडिट कराने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम सरकार को पत्र लिख दिया है। जिस दौरान बैंक की अन्य बहुत से वित्तीय जानकारी और मुख्य वित्तीय विभागों से ऑडिट करवाया जाएगा।