राजधानी शिमला को मिली एक और उपलब्धि, निरिक्षण पर खरा उतरा यह खूबसूरत हिल स्टेशन

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में जेएनएन हिमाचल का पहला खुला शौच मुक्त (ओडीएफ) प्लस प्लस शहर बन गया है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम शिमला का क्षेत्र स्वच्छता के सभी मानकों पर खरा उतरा है। केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम ने शिमला शहर को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा दिया है। शिमला अपने प्राकृतिक सौंदर्य और के लिए देश विदेश में लोकप्रिय माना जाता है, जिस के लिए यहां की नगर निगम यहां की स्वछता का विशेष ड़याँ रखती है।

केंद्रीय टीम ने शिमला शहर में चार दिन तक निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम ने यहां स्तिथ सभी शौचालयों, एसटीपी, सीवेज लाइन और स्वच्छता से संबंधित विभिन्न स्थानों की जांच की थी। जिस से उन्होंने यह पाया की सभी स्थानों में सफाई का विशेष ड़याँ रखा गया है। जिस के चलते शिमला को यह दर्ज़ा मिला है, ओडीएफ का दर्जा नगर निगम को बहुत पहले ही मिल चुका था।

परन्तु प्लस प्लस में शत प्रतिशत सीवरेज कनेक्टिविटी, बेहतर ट्रीटमेंट प्लांट, शौचालयों की व्यवस्था को भी जांचा गया। शिमला शहर में ये व्यवस्थाएं ठीक पाई गई इसके बाद दर्जा दिया गया है। और शिमला के नगर निगम के अध्यक्ष और कर्मचारी बेहद खुश हुए है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 02 अक्टूबर 2014 को पूरे देश में खुला शौच मुक्त अभियान हुआ था शुरू

भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 02 अक्टूबर 2014 को पूरे देश में खुला शौच मुक्त अभियान शुरू किया था। जिस का कारण पर्यावरण को साफ़ और आस पास के वातावरण को साफ बनाए रखने के लिए खुले में शौच मुक्त सिटी की पहल शुरू की गई थी। जिस में नगर निगम शिमला ने भी इसमें अपना दावा पेश किया, और सभी स्थानों में शौचालय का निराम करवाय है। और खुला शौच मुक्त का दर्जा हासिल किया। खुला शौच मुक्त प्लस प्लस में सीवेज के बेहतर ट्रीटमेंट और शत प्रतिशत कनेक्टिविटी को शामिल किया गया है। इस बार हुई रैंकिंग में इसके लिए अलग अंक रखे गए थे, जिसमे शिमला नगर निगम को पूरे 500 अंक प्राप्त हुए है।

ओडीएफ प्लस प्लस का मतलब

ओडीएफ प्लस प्लस एक केन्द्रीय सरकार द्वारा चलाया गया अभियान है, जिस के तहत विभिन्न शहर में जा के निरीक्षण किया जाता है। और जिस शहरो के हर घरों में शौचालय बने हों। सीवरेज कनेक्टिविटी, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, और प्लांट पर सीवरेज के बेहतर ट्रीटमेंट जिस शहर में होता है। उसे बाह्य शौच मुक्त प्लस प्लस का दर्जा दे दिया जाता है।

सर्वेक्षण के महत्वपूर्ण मानक

शहर के सभी घरों के टॉयलेट, पब्लिक टॉयलेट सीवर लाइन या सेप्टिक टैंक से जुड़े होने चाहिए, सीवर लाइनों की लीकेज या खराबी को छह घंटे में ठीक करना होगा, सीवर के वेस्ट को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर ट्रीट होना चाहिए। सभी शौचालय चालू होने चाहिए,उनमें पानी भी उपलब्ध हो, सभी सार्वजनिक स्थल के एक किलोमीटर के दायरे में एक चालू शौचालय का होना जरूरी, किसी भी बड़े कार्यक्रम के लिए मोबाइल टॉयलेट का उपलब्ध होना जरूरी।किसी भी शौचालय से ओपन डिस्चार्ज नहीं होना चाहिए।

Capital Shimla got another achievement, this beautiful hill station lived up to inspection

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