गुस्सा हुए Account holders ने रविवार को गगरेट के मुख्य मार्ग पर दिया धरना

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ऊना जिले के गगरेट विस क्षेत्र के बहुचर्चित दियोली सहकारी बैठक के 11.70 करोड़ के घोटाले की चिंगारी फिर से भड़क उठी है। अपनी अमानत राशि न मिलने से गुस्सा हुए Account holders ने रविवार को दौलतपुर चौक (गगरेट) के मुख्य मार्ग पर धरना दे दिया। इस वजह से आधा घंटा यातायात बंद रहा।

थाना प्रभारी हरनाम सिंह की Leadership में खुलवाया गया जाम

जनता को मजबूरन वैकल्पिक रास्तों से आना-जाना पड़ा। खबर मिलते ही गगरेट थाना एवं दौलतपुर पुलिस चौकी के पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी हरनाम सिंह की Leadership में जाम को खुलवाया गया। इससे पहले Account holders ने दियोली सहकारी सभा के प्रधान सुरेंद्र ठाकुर की Leadership में सभा के सामने सड़क पर आवागमन बाधित कर दिया। जनता ने गुन्हेगारों की गिरफ्तारी एवं vigilance जांच की मांग के साथ-साथ नारेबाजी की। उन्होंने अपने जमा धन को शीघ्रातिशीघ्र वापस करने की भी मांग की। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने धरने पर बैठे हुए लोगों को समझाया। उन लोगों की मांग के मुताबिक एसपी कार्यालय से दियोली सहकारी सभा की जांच-पड़ताल विजिलेंस को सौंप दी। उन्होंने Account holders को जानकारी दी कि यदि 15 दिन के भीतर इस बात की कार्रवाई नहीं होती, तो Account holders क्रोध व्यक्त कर सकते हैं।

पहले भी Account holders ने दिया था 15 दिन का Ultimatum

जानकारी रहे कि इससे पहले भी Account holders ने 15 दिन का Ultimatum दिया था, परन्तु जांच में कोई तेजी न होने के कारण मजबूरन जनता नेे रविवार को सड़क पर धरना दिया। दियोली सहकारी सभा के लगभग 1800 Account holders हैं। इन सभी की 11.70 करोड़ की पूंजी फंस गई है। Account holders जमा कमाई को वापस लेने की लगभग 1 वर्ष से सरकार के सामने अपनी मांग रख रहे हैं। Account holders का इलज़ाम है कि कोई भी सरकारी Agency उनकी Complaint नहीं सुन रही है।

कार्रवाई न होने से सभा के सदस्यों में क्रोध

Account holders स्थानीय विधायक, स्थानीय सांसद से लेकर प्रधानमंत्री तक को इस घोटाले की जांच के बारे में पत्र लिख चुके हैं। इसके बावजूद भी मामले में जांच को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। साल 2018 में यह मामला सहकारी सभा विभाग ऊना के सामने उठाया गया था, उसके पश्चात विभागीय जांच भी हुई। विभाग ने सभा सचिव के Against FIR करवाकर पुलिस को कार्रवाई करने के लिए कहा था। अब जांच ऐसे ही लटकी हुई ही दिख रही है। यह मामला 3 नवंबर को दौलतपुर चौक में हुए जनमंच कार्यक्रम में भी गूंजा था। इसमें सभा प्रधान सुरेंद्र सिंह ने अपनी धीमी गति से जांच पर प्रश्न उठाए थे। इसके साथ ही इस मामले की जांच ASP विजिलेंस सागर चंद्र से करवाने की मांग की थी। इस पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने घोटाले की जांच ASP विजिलेंस सागर चंद्र को सौंपने के हुक्म दिए। इसके पश्चात अभी तक कारगर कार्रवाई न होने से सभा के सदस्यों में क्रोध है।