“भरमानी माता मंदिर” यहां नहीं किये दर्शन तो अधूरी रहेगी मणिमहेश यात्रा (चम्बा-भरमौर), If you did not visit “Bharamani Mata Temple” then Manimahesh Yatra (Chamba-Bharmour) will be incomplete

भरमानी माता मंदिर हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा में स्तिथ एक बहुत ही लोकप्रिय धार्मिक स्थल है, जो भरमौर के पास नजदीक स्तिथ है, यह हिन्दुओ का धार्मिक स्थान है, जो माता भरमाणी को समर्पित है, यह मंदिर भरमौर से 4 किमी की दुरी पर स्तिथ है। एक पौराणिक मान्यता के अनुसार लोगों का मानना ​​है, कि भरमानी देवी के बाद भरमौर को ब्रह्मपुरा कहा जाता था। जब भगवान शिव मणिमहेश गए तो कैलाश ने देवी भरमनी देवी को वरदान दिया कि मणिमहेश की तीर्थ यात्रा पर जाने के इच्छुक सभी व्यक्तियों को अपने पवित्र कुंड में डुबकी अवश्य लगानी चाहिए। यदि वो यहां स्नान नहीं करते तो उन की तीर्थयात्रा भगवान शिव को स्वीकार्य नहीं होगी। इसी लिए सबसे पहले श्रदालु यहां दर्शन के लिए आते है, उस के बाद अपने मणि मणिमहेश की यात्रा को शुरू करते है।

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पौराणिक मान्यता के अनुसार, According to mythology

भरमानी माता मंदिर में एक पवित्र कुंड है। पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी भरमानी ने भगवान संधोल नाग से यह पवित्र पानी चुराया था। जो कि रिज के दूसरी तरफ स्थित है। यह एक गुफा के नीचे से सात जल धाराएँ बहती है। जो वर्तमान में भरमौर में जल आपूर्ति की सुविधा प्रदान कर रही हैं, यह धार्मिक स्थान खूबसूरत प्राकृतिक सुंदरता के साथ एक पहाड़ी पर स्तिथ है। मंदिर के चारो तरफ प्राकृतिक सौंदर्य से भरे खूबसूरत दृश्य श्रदालुओ को बेहद आकर्षित और रोमांचित करते है। यहां से पर्टयक सुंदर भरमौर का शानदार दृश्य देता है।

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भरमौर की संरक्षक माना जाता है माता भरामनी को, Mother Bharamani is considered to be the guardian of Bharmour

भरामनी देवी “भरमौर” की संरक्षक देवी माना जाता हैं, जो देवदार के पेड़ों से भरे खूबसूरत एक रिज पर स्थित है। आप भरमानी देवी मंदिर से बुद्धल घाटी का नजारा भी देख सकते हैं। एक पौराणिक कथा के अनुसार देवी चौरासी के आगमन से पहले चौरासी मंदिर परिसर में भरमौर की रहने वाली थी। जब भगवान शिव पहली बार भरमौर में दिखाई दिए तो देवी ने अपना स्थान भरमानी नामक पहाड़ी पर स्थानांतरित कर लिया भगवान शिव ने भरामनी देवी को वरदान दिया कि मणिमहेश की तीर्थ यात्रा पर जाने के इच्छुक सभी व्यक्तियों को भरमनी कुंड में स्नान करना होगा। तभी उनकी तीर्थयात्रा भगवान शिव को स्वीकार्य होगी। तब से मणिमहेश यात्रा से पहले भरमानी देवी का दर्शन करना एक अनुष्ठान है।

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भरामनी देवी मंदिर की यात्रा करने का सही समय, Perfect time to visit Bharamani Devi Temple

यहां आप साल के किसी भी महीने आ सकते हो, चम्बा से आप टैक्सी या बस क्र माद्यम से यहां पहुंच सकते है, चम्बा बस स्टैंड से आप की दुरी लगभग 60 किलोमीटर की होगी, भरमौर से आप की पैदल यात्रा आप को इस धार्मिक भरमानी माता मंदिर पहुंचाएगी। यह मंदिर बेहद आकर्षित है, मानो जैसे आप को कोई शक्ति मंदिर की ओर खिंच रही हो, मगर यह तभी सम्भव होगा जब आप यहां सच्चे मन से दर्शन के लिए आते है। यदि आप चम्बा गुमने और समय व्यतीत करने का प्लान बना रहे है, तो आप के लिए यह एक आदर्श स्थान साबित होगा।

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