नशे की लत ने बुझा दिया घर एक इकलौता चिराग

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हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के अंब उपमंडल के एक गांव में नशे की ओवरडोज़ से एक 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। नशे की बढ़ती खपत की बजह से युवा पीढ़ी नशे की लत में पड़ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और उसकी दो बहनें भी है।

जिनकी शादी हो चुकी है। नशे की लत ने माता पिता का सहारा छीन लिया है। जानकारी के अनुसार मृतक का परिवार बहुत निर्धन है। मृतक के घर वाले दिहाड़ी लगा कर और कड़ी मेनहत कर के घर चलाते हैं।

मनरेगा के कार्य में दिहाड़ी लगाकर घर का खर्चा चला रही युवक की माता

मृतक की माता पंचायत में मनरेगा के कार्य में दिहाड़ी लगाकर घर का खर्चा चला रही हैं। घर वालो से यह सोचा था की उनका कि बेटा पढ़-लिखकर उनका सहारा बनेगा और उसे जमा दो कक्षा करवाने के बाद जालंधर के एक कालेज में सिविल इंजीनियरिंग करने के लिए भेज दिया।

पहले सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन दुर्भाग्यवश पंजाब में पहले ही नशे की चपेट में फंसे दोस्तों की कंपनी में वह भी फंस गया। और नशा करने लग पड़ा।

माता-पिता की खून पसीने की कमाई लुटाई नशे में

डिग्री करने के दौरान बुरी संगत ने उसे अपने साथ शामिल कर चिट्टे की आदत में ऐसा डाला कि वह अपनी गरीबी भूल एक अलग ही जिंदगी जीने लग गया। घर वालो का बताना है की डिग्री के दौरान भी वो माता-पिता की खून-पसीने की कमाई को बुरी लत में मिलाना शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार माता-पिता का कम पढे़-लिखे थे जिस बजह से वो बेटे की हरकतों को समझ नहीं पाए और उसकी मांगें कर्ज लेकर भी पूरी करते रहे।और जितनी बार भी वो पैसे मांगता घर वाले कहि ना कहि से उधार लेकर उसे देते रहे।

ओवरडोज की बजह से हुई युवक की मृत्यु

हालत इतने घराब हो गए थे। की उसे नशे की लत ऐसी लगी थी, की वो दिन रत नशे में रहता था। और जिस बजह से नशे में ओवरडोज की बजह से युवक की मृत्यु हो गयी। पुलिस ने भी मोके पर पहुंच के पुलिस ने करवाई शुरू कर दी है। और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। जिस के बाद मृत शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।

A single lamp is extinguished by addiction