हिमाचल के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार भर्ती होंगे शिक्षक

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हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में दो सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बहुत कमी है। यहां बिना नियमित शिक्षकों की बजह से स्कूल केवल एक-एक शिक्षक के सहारे हैं। जिस बजह से छात्र ठीक से पद भी नहीं पा रहे है। इस कारण उस का भविष्य भी खराब हो रहा है।

इस दौरान विधायक पवन नैयर और आशा कुमारी के सवालों पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन दो स्कूलों में जल्द ही शिक्षक रखे जायँगे। इसके साथ ही सिंगल टीचर वाले स्कूलों में भी जल्द शिक्षक तैनात किए जाएंगे।

दो साल में 6,268 शिक्षकों को किया गया है नियुक्त

उन्होंने यह दावा किया की प्रदेश में जल्द ही शिक्षकों का युक्तिकरण किया जाएगा। सुरेश भारद्वाज ने यह भी कहा की विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार अब शिक्षक को नियुक्त किया जायेगा। विपक्ष के सवालों पर घिरे मंत्री ने सफाई दी और यह बताया कि बीते दो साल में 6,268 शिक्षक प्रदेश में भर्ती किए गए हैं।

इसी दौरान यह भी जानकरी मिली की कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल में 7,100 शिक्षकों की भर्ती हुई। जानकारी के अनुसार यह भी बताया गया की हिमाचल प्रदेश में बहुत से ऐसे स्कूल हैं। जहा शिक्षकों की बहुत कमी है। जिस बजह से छात्रों को दूर दूर पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है।

चंबा, सिरमौर और शिमला के दूरदराज क्षेत्र में अधिक दिक्क्त

प्राप्त जानकारी के अनुसार जो स्कूल अभी भी खाली है, उन में अभी तक स्वीकृत पदों की जगह कोई भी नियुक्ति नहीं की गयी है। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिले आते है। जिमे चंबा, सिरमौर और शिमला के दूरदराज के क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षक भेजना कठिन कार्य है।

इस पर विधायक आशा कुमारी ने सवाल उठाया कि प्रति नियुक्ति के चलते पढ़ाई अधिक प्रभावित होती है। इस में सुरेश भारद्वाज ने कहा की जो भी प्रदेश में जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, उन पदों को जल्द ही भरा जायेगा।

स्कूल में छात्रों की संख्या 50 और शिक्षक 5

जनकारी के अनुसार हिमाचल में शिक्षक स्कूल में ही नहीं जाते हैं। बताया गया है की प्रदेश में कई ऐसे स्कूल हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या केवल 50 से 60 है, और शिक्षक की संख्या पांच से ज्यादा हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे स्कूलों से शिक्षकों को अन्य स्कूलों में नियुक्त करने की मांग की।

इस पर शिक्षा मंत्री भारद्वाज ने कहा कि विधायक आशा कुमारी खुद पूर्व शिक्षा मंत्री रही हैं। उनके सुझावों और विचारो में अवश्य अम्ल किया जायेगा।

Teachers will be admitted in Himachal government schools according to the number of students