ऊना के एक निजी अस्पताल में बच्चे की मौत कोई लेकर हुआ हंगामा

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक निजी अस्पताल में बच्ची और बच्चे की अलग-अलग मौत को लेकर हमीरपुर रोड पर अस्पताल के खिलाफ परिजनों ने खूब हंगामा कर दिया। परिजनों ने बच्चे की मौत को लेकर नारेबाजी की और अस्पताल को इस का जिम्मेवार ठहराया।

बच्चों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के ऊपर उपचार में लापरवाही वरतने के आरोप लगाए है। प्राप्त जानकरी के अनुसार दोनों बच्चों का पहले इसी अस्पताल में उपचार चल रहा था। इसके बाद अस्पताल ने इन को पीजीआई रेफर करने को कहा।

पीजीआई के चिकित्सकों ने बच्चो को किया मृत घोषित

पीजीआई के चिकित्सकों ने बच्चो को मृत घोषित कर दिया। परिजनों की पहचान शामिल खान निवासी गांव पिपलु ने बताया कि 15 फरवरी को उसकी पत्नी ने ऊना के एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। और बताया की बच्ची की तबियत गराब थी।

इसके बाद बच्ची को उपचार के लिए इस निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां पर चिकित्सकों ने उपचार का भरोसा दिया। और 22 फरवरी को अस्पताल ने उनकी बच्ची को पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया।

5-6 घंटे पहले ही हो गयी थी मौत तो क्यों किया पीजीआई रेफर

पीजीआई चंडीगढ़ के चिकित्सकों दवरा परिजनों को बताया कि बच्ची की मौत 5-6 घंटे पहले ही हो थी। इसी बजह से परिजनों का आरोप है कि बच्ची की मौत यदि जब निजी अस्पताल में हो गई थी। तो उन्होंने रेफर क्यों किया गया। परिजनों का कहना है, की सात दिन तक उनके बच्चे को उपचाराधीन के लिए रखा और 22 फरवरी को रेफर कर दिया।

उनके बच्चे की भी मौत हो गई। मामले को बढ़ता देख पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस कर्मचारियों ने गुस्साए परिजनों को शांत करवाया। डीएसपी अशोक वर्मा का कहना है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चों के अभिभावकों के ब्यान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

Uproar over the death of a child in a private hospital in Una

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