नौणी विवि के विशेषज्ञों ने बागवानों को आम के पेड़ों की देखभाल करने के लिए दिया परामर्श

Nauni University

गर्मियो का सीजन आरंभ होते ही आम का सीजन भी आरंभ हो जाता है। नौणी विवि के विशेषज्ञों ने बागवानों को आम के पेड़ों की देखभाल करने की परामर्श दिया है। प्रत्येक साल आम में Mealybug कीट की समस्या रहती है। इसको रोकने के लिए बागवान आम के पेड़ों पर Alkathine 15 से 20 सेंटीमीटर चौड़ी पट्टी मुख्य तने पर जमीन से लगभग आधा मीटर ऊपर तक लपेटें, जिससे कीट के शिशु जमीन से निकलकर पेड़ों के ऊपर न चढ़ पाएं। इसके अतिरिक्त Training Proneing का यदि कुछ कार्य रह भी गया है तो उसको शीघ्र पूरा कर लें। पेड़ों के घाव पर ब्लॉकटॉक्स या चैबाटिया पेस्ट अवश्य करें। मटर की फसल को जीवाणु से सुरक्षित रकने के लिए उसमे बाड़ लगाने का कार्य भी आरंभ कर दें। स्ट्रैप्टोसाइक्लीन 10 ग्राम को 100 लीटर पानी में मिलाकर इसका छिड़काव करे। यह विशेष जानकारी नौणी विवि के विभागाध्यक्ष डॉक्टर सतीश भारद्वाज ने दी।

पशुओं के बारे में जानकारी

दिन के समय पशुओं को खुली धूप में बांधें, जिसके कारण पशुओं का शरीर गर्म रहे तथा इनमे विटामिन डी की कमी भी पूरी हो सके। नवजात बछड़ियां ठंड के लिए अधिक भावुक होती हैं। इसमें ठंड के कारण, श्वासन संबंधित रोग, बुखार एवं डायरिया की समस्या पैदा हो सकती हैं। इसी कारण इनका ठंड से बचाव बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त पहाड़ी क्षेत्रों में रखे गए सशक्त मौनवंशों जिनमें खुराक उचित मात्रा में हो और Packing कर दी गई हो तो ऐसे मौनवंशों को सर्दी में किसी भी तरह की जरूरत नहीं होती है। पहाड़ी इलाकों में स्थानांतरित मौनवंशों की मधुमक्खियां इस मौसम में नोसिना नामक रोग के ककरण ग्रस्त हो सकती हैं।

आपके प्रश्न के उतर

प्रश्न : इन दिनों गोभी की फसलों में तेले रोग से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए किसानों को क्या करना चाहिए।

… रविंद्र शर्मा निवासी चामत भड़ेच

उतर : गोभी में तेले के आक्रमण की समस्या प्रत्येक साल रहती है। इसको रोकने के लिए मैलाथियॉन 15 मिली को 15 लीटर पानी में मिलाकर इसका छिड़काव करना चाहिए। जिससे तेले के रोग पर काबू पाया जा सकता है।