Officers पर बंदूक तान कर भगाने का प्रयत्न, वन रक्षकों को अभी तक सरकार ने न दिए हथियार

जिला ऊना के कुटलैहड़ क्षेत्र में खैर तस्करी का ग़ैरक़ानूनी कारोबार दिन-रात बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में वन काटुओं के हौसले इतने अधिक बुलंद हो चुके हैं कि खैर तस्करी का ग़ैरक़ानूनी कारोबार करने वाले लोग वन विभाग के Officers पर ही बंदूक तान कर भगाने का प्रयत्न कर रहे हैं।

घटनाक्रम ने गार्ड होशियार सिंह की दिला दी याद

रविवार देर रात को बुधान पंचायत में हुए घटनाक्रम ने फिर से गार्ड होशियार सिंह की याद दिला दी। बंदूकधारी Forest cartoons ने बंदूक में कारतूस Load नहीं किए थे। वन माफिया वन विभाग के Guard एवं RO पर बंदूक तान कर खाली Trigger चलाते रहे। विभाग के अनुसार वन काटुओं ने alcohol का सेवन कर रखा था, जिससे विभाग के Employees ने 4 लोगों को पकड़ लिया, जबकि उनमे से एक भाग निकला। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार अभी तक वन विभाग के कर्मियों को हथियार उपलब्ध नहीं करवा पाई। ऐसा लगता है कि प्रदेश सरकार अब किसी और होशियार सिंह जैसे मामले के इंतजार में है।

प्रदेश सरकार ने इससे नहीं लिया कोई सबक

गोलीकांड का मामला 1 साल पहले हरोली क्षेत्र में भी हो चुका है, परन्तु प्रदेश सरकार ने इससे कोई सबक नहीं लिया है। लोगों में क्रोध है कि इससे पहले भी क्षेत्र में वन माफिया जंगलों के हजारों पेड़ काट चुका है। इसके उपरांत प्रदेश सरकार इसमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। जिसके कारण दिन प्रतिदिन लोगों के हौसले और भी उन्नत होते जा रहे हैं।

बड़े लोग भी इस धंधे में संलिप्त

लोगों में क्रोध है कि कुछ बड़े लोग भी इस धंधे में संलिप्त हैं। इन लोगों को राजनीतिक संरक्षण भी मिला हुआ है। इसका उदाहरण यह है कि अंबेहड़ा में पकड़े गए खैर कटान आरोपी पर पुलिस के द्वारा 72 घंटे पश्चात केस दर्ज किया। जनता ने प्रदेश सरकार से अनुरोद किया कि वन काटुओं पर रोक लगाने के लिए वन विभाग को हथियारों के साथ-साथ लैस भी किया जाए। क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया है कि वन माफिया Government forests के साथ निजी भूमि से भी पेड़ो को काट रहे हैं। लोगों के अनुसार प्रदेश सरकार वन विभाग के Officers एवं Employees को हथियार प्रदान करे, जिससे विभाग का staff हथियारों से लैस होकर Government forests का रक्षण कर सके।

कुटलैहड़ में वन माफिया इतना अधिक हावी

गौरतलब है कि कुटलैहड़ में वन माफिया इतना अधिक हावी है कि बंगाणा थाने में 1 साल में 16 केस दर्ज हो चुके हैं। इससे जुड़े लोगों की 10 गाड़ियां थाने में ही सड़ रही हैं। इन लोगों पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

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