आर्थिक मंदी के कारण नहीं हो पा रहा हिमाचल प्रदेश का विकास (जयराम)

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हिमाचल प्रदेश में वैश्विक आर्थिक मंदी का असर पड़ा है। जिस बजह से प्रदेश के विकास की रफ्तार में कमी आये है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साल के मुकाबले वर्ष 2019-20 के दौरान राज्य की आर्थिक विकास दर डेढ़ फीसदी कम होने का अनुमान लगाया गया है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष दर्ज हुई 7,1 विकास दर इस बार 5,6 फीसदी तक सिमट कर रह गयी है।

इस बात का खुलासा गुरुवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत की गई आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट द्वारा हुआ है। वर्तमान प्रदेश मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वित्तीय वर्ष 2019-20 का आर्थिक सर्वेक्षण सदन में पेश किया।

बहुत से विकाशील कार्य किये जा रहे है प्रदेश में (जयराम)

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से हिमाचल प्रदेश ने कुशल नीतियों के माध्यम से राज्य के लोगों के बेहतर जीवन के लिए स्थायी प्रयास किए हैं। और बहुत से विकाशील कार्य किये जा रहे है। अग्रिम अनुमान के अनुसार 2019-20 के अंतर्गत वृद्धि दर लगभग 5,6 प्रतिशत रहने की संभावना मानी जा रही है,

जबकि 2018-19 में 1,17,851 करोड़ की तुलना में स्थिर कीमतों पर कुल (GSDP) का अनुमान 1,24,403 करोड़ बताया गया है। मौजूदा कीमतों पर (GSDP) 2018-19 के अंतर्गत 1,53,845 करोड़ के विरुद्ध लगभग 1,65,472 होने की संभावना बताई जा रही है।

प्राथमिक क्षेत्र में 9,3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इसके साथ ही प्रदेश में 2019-20 के अंतर्गत 5,6 प्रतिशत की वृद्धि मुख्य रूप से प्राथमिक क्षेत्र का 9,3 प्रतिशत तथा सामुदायिक एवं व्यक्तिगत सेवा का क्षेत्र 7,7 प्रतिशत है। द्वितीय क्षेत्र में 3,9 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है थी। बागबानी उत्पादन में 42,82 प्रतिशत की वृद्धि के कारण समग्र प्राथमिक क्षेत्र में 9,3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

जो 5,6 प्रतिशत की समग्र वृद्धि दर्शाती है। इसी दौरान बजट अनुमानों के अनुसार 2019-20 के लिए सरकार की राजस्व प्राप्तियां जीएसडीपी का 20,39 फीसदी होने का अनुमान है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष यह 20,27 फीसदी थीं।

आर्थिक सर्वेक्षण के द्वारा

हिमाचल प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण में प्रदेश सरकार के लिए राहत की खबर यह है, कि उसका राजकोषीय घाटा कम हुआ है। वर्ष 2019-20 में इसके 4,44 फीसदी रहने की संभावना बनी है, जबकि पिछले वर्ष यह 5,06 फीसदी था। हिमाचल प्रदेश में मुद्रास्फीति में कमी लगातार जारी है। चालू वित्त वर्ष में यह 1,5 फीसदी हो गई है। जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 4,7 फीसदी थी। इसके साथ राज्य के

सकल घरेलू उत्पाद में इजाफा

आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक राज्य का सकल घरेलू उत्पाद इस वर्ष 01 लाख 65 हजार 472 करोड़ रुपए होने की संभावना है। बीते वर्ष यह एक लाख 53 हजार 845 करोड़ रुपए था। इसी के साथ टैक्स कलेक्शन में 15।69 फीसदी की बढ़ोतरी की गयी है।

Himachal Pradesh is unable to develop due to economic slowdown (Jairam)