हिमाचल प्रदेश की राजधानी में कोरोना वायरस का डर, नहीं मिल पाएंगे चीन की पिचकारी और रंग

holi

हिमाचल प्रदेश के वासी अब होली में नहीं इस्तेमाल कर सकेंगे, चीन में निर्मित के रंग और पिचकारी, जिस का कारण चीन में फैले कोरोना वायरस का असर है, इस का सबसे बड़ा असर होली के कारोबार पर भी नजर आने लगा है। कोरोना वायरस की बजह से व्यापारियों को भी बेहद नुक्सान और निराशा हुई है।

इस बार होली में बिकने वाले चीन निर्मित सामान की डिमांड नहीं भेजी गयी है। क्युकी व्यापारियों का कहना है कि करोना वायरस के खौफ के चलते उन्होंने चीन निर्मित सामान नहीं मंगवाया है। इस बार होली में भारत में निर्मित होली से सबंदित वस्तुए ही मिल पाएंगी।

पहले अपना स्वास्थ्य फिर मनोरंजन का नारा

करोना वायरस सामान के छूने से भी फैल जाता है। लोगो का कहना है की पहले स्वास्थ्य फिर मनोरंजन। इस होली में पहली बार पुरे देश भर में भारत में निर्मित रंग विरंगे देसी गुलाल धूम मचाएंगे। होली का त्यौहार भारत में 10 मार्च को मनाया जाएगा। रंगों के इस त्यौहार में हर साल लाखों रुपये का कारोबार होता है। परन्तु इस बार इस भयानक वायरस की बजह से बेहद गिरावट देकने को मिल सकती है।

देश भर में भारतनिर्मित वस्तुए मचाएगी धूम

इस बार पुरे देश भर में रंगों के इस त्योहार में चीन निर्मित पिचकारियों और अन्य सामान नजर नही आएगा। होली पर सबसे ज्यादा चीन निर्मित पिचकारियां ही बिकती हैं। जो इस बार कोरोना वायरस के चलते नहीं दिखेंगी वहां से आने वाले सामान पर रोक और खौफ के चलते सप्लाई नहीं मिल रही है। राजधानी के व्यापारियों ने होली के रंगों की डिमांड कर दी है।

पिचकारी की किसी भी व्यापारी ने डिमांड नहीं की है। व्यापारियों का साफ कहना है कि चीन का कोई भी सामान शिमला में नहीं लाया जाएगा। जिस से प्रदेश वासियो को किसी भी प्रकार की कोई हानि हो। इस बार होली के शुभ अवसर में देश में निर्मित रंग और पिचकारियां ही धूम मचाएगी।

Fear of corona virus in Himachal Pradesh capital, China’s atomizer and color will not be found