केंद्रीय विश्वविधालय हिमाचल प्रदेश में मज़ा हड़कंप, पीएचडी प्रवेश परीक्षा में डाल दिया 50 फीसदी पुराना पेपर

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हिमाचल प्रदेश के सीयू में हड़कंप मच है, केंद्रीय विश्वविद्यालय की पत्रकारिता में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में पुराने पेपर को डाल देने से परीक्षा विवादों में आ गई है। 01 मार्च को हुई परीक्षा में पुराने प्रश्न पत्र के ही 50 फीसदी प्रश्न दोहरा दिए गए हैं। जिस से छात्रों में आक्रोश मच गया है।

अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में पत्रकारिता विषय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा में शोध पद्धति से संबंधित एक से 50 नंबर तक प्रश्न आए थे, और इस बार वही प्रश्न 51 से 100 नंबर तक परीक्षा में डाल दिए गए गए।

24 विषयों की 236 सीटों के लिए थी यह परीक्षा

यहां तक की इनके उत्तर के ऑप्शन तक भी नहीं बदले गए। ऐसे में केंद्रीय अभ्यर्थियों ने विवि प्रशासन पर अपने जान पहचान के छात्रों को दाखिला देने का आरोप लगाया है। साथ में ये भी कहा की यह केंद्रीय विश्वविधालय की शाजिश है। 2020 पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 100 प्रश्न पूछे गए थे, जिसमें 50 पत्रकारिता विषय से संबंधित और 50 शोध पद्धति पर आते हैं।

केंद्रीय विवि ने इस बार 24 विषयों की 236 सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया था। जिसमें पत्रकारिता विषय की पांच सीटें हैं। जिसके लिए यह प्रवेश परीक्षा करवाई गयी थी।

अंग्रेजी माध्यम में ही प्रश्न आने पर हिंदी माध्यम के छात्रों को हुई परेशानी

इसके साथ ही विद्यार्थियों ने केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन के ऊपर हिंदी भाषा ज्यादा मान्यता ना दे कर अंग्रेजी को अधिक मान्यता देने के भी आरोप लगाए है। हिंदी हमारी राजकीय भाषा है। और केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन को बढ़ावा अंग्रेजी को अधिक मान्यता रहा है। पीएचडी की प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र सिर्फ अंग्रेजी माध्यम में थे,

जिसे हल करने में हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को बहुत सी परेशानी हुई। जिस बजह से हिंदी माध्यम के छात्रों की परीक्षा सही नहीं हुई है, इस लिए इस परीक्षा को रद्द कर के जल्द ही नई परीक्षा आयोजित की जाए ऐसा विद्यार्थियों का कहना है।

Fun in Central University Himachal Pradesh, 50 percent old paper put in PhD entrance exam