नौणी विवि के किसान विशेषज्ञों ने किसानो को किया सूचित, फसल के लिए सिंचाई ना करने को कहा

हिमाचल प्रदेश के नौणी विवि के विशेषज्ञों ने कहा कि किसान-बागवान अभी किसी भी फसल के लिए सिंचाई न करें। विशेषज्ञों ने वर्षा के पानी को गेहूं फसल में लंबे समय तक न खड़ा होने देने के लिए कहा है। किसानो को पानी के निकासी का उचित प्रबंध करने के लिए कहा है।

इसके साथ ही उन्होंने बारिश का पानी एक खेत से दूसरे में ना जाने देने के लिए भी कहा है। विशेषज्ञों ने प्याज और लहुसन की फसल में निराई-गुड़ाई करें और नत्रजन में दूसरी मात्रा 8 किलोग्राम प्रति बीघा की दर से डालें। जिस से फसल में बढ़ोतरी होगी।

कृषि विज्ञानिको ने किसानो को दिए फसल संबंदित निर्देश

विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है, कि मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में ग्लेडियोलस व गेंदे की फसल के उत्पादन के लिए क्यारियां तैयार करने के लिए कहा है। इनमें से लगभग 5 किलोग्राम प्रति वर्गमीटर के हिसाब से गोबर की खाद मिलाएं जिस से फसलों को लाभ मिलेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार बागवान किसी कारण से पौधे न लगा पाए हों तो वे पौधे लगाने का काम जल्दी खत्म कर लें।

विशेषज्ञों ने बताया है की इन दिनों जमीन में अच्छी नमी है, इसलिए बागवान बगीचों में तौलिए बनाने का कार्य को पूरा कर ले। प्रदेश के कृषि रसायानिक खाद जैसे कि पोटाश आदि व गोबर की खाद डालने व अन्य उर्वरक अनुमोदित मात्रा में डालें अधिक या कम डालने से फसल में खराबी हो सकती है।

Farmers experts from Nauni University informed farmers, asked not to irrigate crops