चौदहवें वित्त आयोग के 8 करोड़ रुपए अभी नहीं हुए खर्च, 31 मार्च तक Deadline

ऊना…. गगरेट में महात्मा गांधी के सपने को भारत विकास के जरिये सशक्त व सुदृढ़ बनाने के लिए ग्राम पंचायतों को सरकार ने चौदहवें वित्त आयोग के जरिये सीधे भेजी गई Funding को भी विकास खंड गगरेट की अधिकतर पंचायतें खर्च नहीं पाई हैं। चौदहवें वित्त आयोग के लगभग 8 करोड़ रुपए अभी खर्च नहीं हो पाए है। जबकि इसक खर्च करने की Deadline 31 मार्च है। विकास कार्यों के लिए चौदहवें वित्त आयोग के जरिये से आए बजट पर Laps होने की तलवार लटकने लगी है। यदि ऐसा हुआ तो बजट को खर्च न कर पाने वाली पंचायतों को सारा पैसा वापस करना पड़ेगा।

ग्राम पंचायत को Direct मौजूद करवाया बजट

ग्राम पंचायतें विकास के जरिये सशक्त बनें इसके लिए सरकार ने ग्राम पंचायत को चौदहवें वित्त आयोग के जरिये से Direct बजट मौजूद करवाया था। इसके पीछे यही मंशा थी कि कौन विकास कार्य प्राधान्य से करवाया जाना है। ग्राम सभा की बैठक में चर्चा होने के पश्चात ग्राम पंचायतें स्वयं शेल्फ तैयार करके विकास कार्यों को अंजाम दें। परन्तु अधिकतर ग्राम पंचायत चौदहवें वित्त आयोग से आए हुए बजट को खर्च करने में नाकामयाब हुईं।

पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर जब गगरेट क्षेत्र के यात्रा पर आए तो उन्होंने भी चौदहवें वित्त आयोग के अंतर्गत आए बजट को खर्च न कर पाने के कारण खासी नाराजगी व्यक्त की थी परन्तु इसके बाद भी खंड विकास कार्यालय ग्राम पंचायतों को चौदहवें वित्त आयोग के बजट खर्च करने के लिए प्रोत्साहित नहीं कर पाया।

पंचायत अधिकारी ने 31 मार्च से पहले बजट को खर्च करने का किया आह्वान

कुछ दिन में जिला पंचायत अधिकारी ने 31 मार्च से पहले चौदहवें वित्त आयोग के बजट को खर्च करने का आह्वान किया। परन्तु सूत्रों के मुताबिक तो विकास खंड गगरेट की अधिकतर पंचायतें बजट खर्च करने में नाकाम साबित हुई हैं। अभी भी लगभग 8 करोड़ रुपए खर्च नहीं हो पाए हैं। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों को भी चौदहवें वित्त आयोग का बजट खर्च करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

Fourteenth Finance Commission's 8 crore rupees not spent yet, Deadline till 31 March

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