हिमाचल प्रदेश में नहीं होंगे भजन-कीतर्न पर प्रतिबंध, राजधानी शिमला के रिज़ में चहल कदमी हुई कम

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हिमाचल प्रदेश तथा भारत सरकार ने कोविड-19 को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया है। प्रदेश भर में फैले कोरोना के खौफ से देश भर में लोगो के मन में डर बैठा हुआ है। इसके दृष्टिगत कोरोना से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन एक्ट-2005 की धारा 34 के तहत विभिन्न निवारक कदम उठाए जा रहे हैं।

इसके तहत हिमाचल के जिला उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि आपदा की स्थिति को देखते हुए धारा-34 के तहत जिला में सत्संग, जागरण, कीर्तन, लंगर और भंडारा इत्यादि आयोजित नहीं किए जा सकते।

धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान भी आगामी आदेश तक बंद

जानकारी के अनुसार उन्होंने यह भी कहा की सभी धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान भी आगामी आदेश तक बंद ही रहेंगे। इस दौरान धार्मिक स्थलों में संबन्धित पुजारियों द्वारा पूजा-अर्चना इत्यादि जारी रहेगी। इसके अतिरिक्त ढाबा, बार, फूडकोर्ट, रेस्तरां, होटल इत्यादि अपने संस्थान में स्वच्छता का विशेष

प्रबंध सुनिश्चित करेंगे और अपने उपभोक्ताओं और स्टॉफ के लिए स्वच्छता की आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाएंगे। इस दौरान किसी प्रकार के रैली, धरना, जुलूस या कान्फें्रस भी नहीं होंगे। और जिन्होंने इस का उलघन किया उस पर सख्त करिबै की जाएगी।

नहीं हो सकते बस स्टैंड, बाजार और किसी भी स्थान में लोग इकट्ठे

प्रदेश के उपायुक्त कांगड़ा ने कहा कि सभी बैंक अपने उपभोक्ताओं के लिए बैंक शाखा और एटीएम में स्वच्छता सुनिश्चित करेंगे और समय-समय पर एटीएम को सेनेटाइज करवाएंगे। इसी के साथ एसपी सुनिश्चित करेंगे कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट सहित कहीं बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा न हों। तथा पुलिस प्रसाशन नहीं इस परे सख्त नजर रखेगी।

There will not be a ban on hymns and hymns in Himachal Pradesh, the ridge of the capital Shimla has reduced