हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में सामने आया एक बड़ा मामला, जीवित बच्ची को किया मृत घोषित

हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू में एक बड़ा मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चिकित्सकाें की लापरवाही के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। इस मामले में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने प्रसव के बाद नवजात को मृत घोषित कर दिया।

दुखी परिजन जब शव लेने पहुंचे तो नवजात बच्ची अचानक रोने लग पड़ी। गंभीर लापरवाही का यह मामला हिमाचल में महिलाओं के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र कमला नेहरू अस्पताल में सामने आया है। जिस बजह से पुरे अस्पताल में सनसनी मच गयी है।

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को पत्र के माद्यम से की शिकायत

इसी दौरान नवजात के पिता विजय कुमार ने अस्पताल के दौरे पर आए शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज और अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक को इस बारे में शिकायती पत्र सौंप कर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच कराने की बात कही है। जानकारी के अनुसार कुल्लू जिले के गांव मौहल की रहने वाली महिला राजकुमारी को नेरचौक मेडिकल कॉलेज मंडी से केएनएच रेफर किया गया था।

यह महिला मंगलवार रात साढ़े दस बजे अस्पताल पहुंची और उसको डॉक्टरों की निगरानी में वीरवार तड़के तीन बजे महिला ने बच्ची को जन्म दिया। प्रदेश में सामने आया गर्भवती का यह मामला प्री-मैच्योर डिलीवरी का था। डॉक्टरों ने रिस्क का हवाला देते हुए किसी एक को बचाने की बात कही थी। ऐसे में महिला का जीवन बचाने पर अधिक ध्यान दिया गया।

मृत खोषित करने के कुछ समय बाद चीखने लगी बच्ची

इसी दौरान नवजात को जन्म के बाद कपड़े से लपेटकर अलग रख दिया गया। डॉक्टरों ने परिजनों को नवजात के मृत होने की जानकारी दी और नवजात के पिता ने बताया कि जब उनकी सास मृत नवजात को लेने गई तो बच्ची चीखने लगी। इसके बाद डॉक्टरों को एहसास हुआ कि नवजात जीवित है और तत्काल उसे वेंटिलेटर पर ले जाया गया।

A major case surfaced in Himachal Pradesh district Kullu, the surviving girl was declared dead

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