हिमाचल प्रदेश सरकार ने लगाई फटकार, एचपीयू से मांगा जवाब

हिमाचल प्रदेश सरकार ने रूसा सब्जेक्ट कांबीनेशन पर कोई भी रिपोर्ट न आने पर एचपीयू से जवाब मांगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा प्रधान सचिव केके पंत की ओर से विश्वविद्यालय को यह पत्र जारी किया गया है। सरकार ने फटकार लगाई गई है कि छह माह बाद भी अभी तक इस गंभीर मामले पर आखिर रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी गई है।

प्रदेश सरकार ने एचपीयू को जारी किए पत्र में कहा है, कि सितंबर 2019 में एचपीयू की इक्विलेंस कमेटी को इस मामले पर जल्द समाधान देने को कहा गया है।

(HPU) इस मामले में अभी कोई भी जवाब नहीं दे पाई है

मगर अभी तक इस पर कोई जवाब न आने पर सरकार ने एचपीयू से जबाब माँगा है। प्रदेश सरकार ने कहा है कि एचपीयू के रजिस्ट्रार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन अभी तक वह भी इस मामले कोई भी जवाब नहीं दे पाई है। इसी के साथ सरकार ने स्कूलों में खाली पड़े टीजीटी के पदों पर गंभीरता से सोचने के लिए

(HPU) को रूसा सब्जेक्ट कांबीनेशन में आ रही दिक्कतों का जल्द समाधान निकालने को कहा है। हिमाचल के सरकारी स्कूलों में नए सत्र से टीजीटी शिक्षकों के हजारों पद खाली रह जाएंगे, अगर रूसा के सब्जेक्ट कांबीनेशन पर कोई निर्णय नहीं किया जाता है।

हजारों टीजीटी शिक्षक भर्ती पर लगी है रोक

सिलेक्शन कमीशन बोर्ड ने राज्य के हजारों टीजीटी शिक्षक भर्ती पर रोक लगाई हुई है। पहले कमीशन के आधार पर टीजीटी शिक्षकोंं की भर्ती रोकी गई थी। तो वहीं अब सब्जेक्ट कांबीनेशन को लेकर कोई भी समाधान न निकलने तक बैचवाइज भर्ती पर भी शिक्षा विभाग ने रोक लगाने का फैसला लिया है।

इसी दौरान भी सरकार से मंजूरी मिलने के बाद भी टीजीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। प्रदेश शिक्षा विभाग के अनुसार आर एंड पी रूल्स कहते हैं, कि टीजीटी मेडिकल बनने के लिए ग्रेजुएशन में बायो व कैमेस्ट्री पढ़ना जरूरी है। उसी तरह नॉन मेडिकल में भी साफ है।

2013 बैच के छात्रो के लिए बड़ी समस्या

अभ्यर्थी को फिजिक्स, कैमेस्ट्री व मैथ्स तीनों ही विषय पढना जरूरी है। अब रूसा सिस्टम जब से लागू हुआ है, तो छात्रों को च्वाइस बेस्ड सिस्टम दिया गया है, जिस वजह से वर्ष 2015 तक छात्रों ने साइंस, मैथ्स व आर्ट्स के मिक्सप विषय पढ़ लिए है।

फिलहाल अब 2013 बैच के जो छात्र शिक्षक बनना चाहते है, उनके लिए बड़ी समस्या आ रही है। प्रदेश के बहुत से छात्रो को इस परेशानी का सामना करना पद रहा है। इस लिए सरकार ने छात्रों के हित के लिए (HPU) से जल्द जबाब माँगा है।

Himachal Pradesh government reprimanded, sought reply from HPU

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