हिमाचल प्रदेश के पालमपुर की बेटी को मिला, राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार, प्रदेश भर में खशी का माहौल

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हिमाचल प्रदेश के जिला काँगड़ा के पालमपुर की वीर बालिका अलाइका भारतीय सेना में डाक्टर बन कर अपनी सेवाएं देना चाहती है। इस बेटी की वीरता का परिचय देकर देश व प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी और राष्ट्रपति पदक से सम्मानित अलाइका को देश सेवा का जुनून है।

यह पूरा मामला एक कार हादसे के दौरान वाहन चालक व अपने परिजनों की जान बचाने में अहम रोल अदा करने वाली 15 वर्षीय अलाइका को राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

पालमपुर के मारंडा की रहने वाली अलाइका

प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय बाल कल्याण परिषद (आईसीसीडब्ल्यू) की ओर से वीरता पुरस्कार से नवाजी गई यह बेटी पालमपुर के मारंडा की रहने वाली है। अलाइका 01 सितंबर 2018 को कार में माता सविता व दादा सेवानिवृत्त कैप्टन केके अवस्थी के साथ खैरा की ओर जा रही थी। इस दौरान अचानक रास्ते में चालक कार पर से नियंत्रण खो बैठा और कार पहाड़ी से 50 मीटर नीचे लुढ़क गई। कार पेड़ के साथ फंस गई व इसमें सवार सभी लोगों के साथ अलाइका को भी चोटें आईं।

राष्ट्रपति द्वारा देश भर के अन्य 21 वीर बच्चों के साथ किया सम्मानित

इसी दौरान अलाइका ने बहादुरी दिखाते हुए कार का दरवाजा खोला और सड़क तक पहुंची। पहले अलाइका ने खुद अपनी मां और दादा को निकालने का प्रयास किया। लेकिन परिस्थिी इतनी खराब थी की वह कामयाब नहीं हो पाई। इसी दौरान उसने समझदारी से काम लेते हुए सड़क तक पहुंच कर वहां से गुजर रहे वाहन चालकों को

हादसे की जानकारी दी और वाहन चालकों ने कार में फंसे तीनों लोगों को बाहर निकाला व अलाइका समेत अन्य तीन घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसी लिए अलाइका को सूझ-बूझ व वीरता के लिए राष्ट्रपति द्वारा देश भर के अन्य 21 वीर बच्चों के साथ सम्मानित किया गया।

सेना में चिकित्सक बनना चाहती अलाइका

प्रदेश की इस बेटी को अलाइका को मिले इस सम्मान से न केवल उसके परिजन, बल्कि पूरा पालमपुर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। अलाइका का जन्म 27 जनवरी 2005 को काँगड़ा जिले के पालमपुर में हुआ था। उनके पिता दिनेश कुमार एक निजी संस्थान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

जबकि उनकी माता सविता उपाध्याय गृहिणी हैं। यह होनहार बेटी अलाइका इस समय पालमपुर के एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही हैं। अलाइका आगे जाकर सेना में चिकित्सक बनना चाहती हैं।

रिटायर अपने दादा से प्रेरित अलाइका

सेना में चिकित्सक बनने का ख्याल उन्हें सेना से रिटायर अपने दादा से प्रेरित हो कर आया हैं और उनके ही पदचिन्हों का अनुसरण करते हुए सेना में सेवाएं देना चाहती है। वहीं अपनी पोती की इस उपलब्धि से दादा भी बेहद प्रशन्न है। अलाइका शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रही है।

पालमपुर की बेटी अलाइका युवाओं को संदेश देती है। इस बेटी का कहना है की हर परिस्थिति का डटकर सामना करें और हर किसी की मदद को आगे आएं। कभी भी किसी की मदद करने से पीछे ना हटे। शायद आप की एक पहल किसी की जान बचा दे।

Himachal Pradesh’s Palampur’s daughter receives President’s gallantry award, Khasi atmosphere across the state