मास्क व सैनिटाइजर की जमाखोरी की तो होगी 7 साल की सज़ा

हिमाचल प्रदेश में फैले कोरोना वायरस की बजह से प्रदेश भर में डर फैला हुआ है। कोरोना वायरस जैसी महामारी घोषित करने के बाद हिमाचल में मास्क व सैनिटाइजर की मांग बढ़ गई है। इस कारण प्रदेश सरकार ने मास्क व सैनिटाइजर को इस साल जून तक आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल किया है।

इस दौरान यदि आप दोनों वस्तुओं की जमाखोरी करते पाए गए तो सात साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश भर में कोरोना वायरस के बहुत से मामले सामने आ रहे है। यदि कोई ऐसा मामला सामने आता है। तो मामला दर्ज होने के बाद कोर्ट तय करेगा कि कितना जुर्माना किया जाएगा।

रोकथाम (संशोधन) आदेश 2020 की अधिसूचना जारी

प्रदेश भर में नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश में जमाखोरी और मुनाफाखोरी रोकथाम (संशोधन) आदेश 2020 की अधिसूचना जारी कर दी है। हिमाचल प्रदेश में कोई भी व्यक्ति या दुकानदार सर्जिकल मास्क, किसी भी तरह की लेयर वाले यानी दो व तीन और एन 95 मास्क के अलावा हैंड सैनिटाइजर की जमाखोरी करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जांच व कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को शक्तियां प्रदान

इसी के साथ मास्क व सैनिटाइजर के महंगे दाम पर मिलने की लगातार शिकायतें आ रही थीं। प्रदेश में इस कारण इन्हें आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल करने के साथ ही संस्थानों, घरों व दुकानों में इनकी जांच व कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को शक्तियां प्रदान कर दी गई हैं। साथ ही अधिकारी जमाखोरों पर नकेल कस सकेंगे। इन अधिकारियों को मिलीं कार्रवाई की शक्तियां प्रदान की गयी है।

Hoarding of mask and sanitizer will be punished for 7 years

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