धार्मिक आस्था के आगे नहीं टिक पाया प्रसाशन, कोरोना वायरस का खौफ नहीं

rampur

हिमाचल प्रदेश के रामपुर कस्बे में 11 से 14 मार्च तक मनाए जाने वाले जिलास्तरीय फाग मेले के आयोजन को लेकर मंगलवार शाम तक बेहद बाते जारी रहीं। प्राप्त जानकारी के अनुसरा स्थानीय प्रशासन ने फाग मेले को कोरोना

वायरस से सुरक्षा के मद्देनजर रखते हुए सीमित समय के लिए इस मेले को रद कर दिया था। प्रशासन के आदेश द्वारा यानी मेले का आयोजन केवल एक ही दिन किया जाना था और मेले में औपचारिकता पूरी करने के लिए केवल एक देवता को ही आना था।

नगर परिषद के पार्षदों ने किया देवी-देवताओं का स्वागत

इसी के साथ देवता जाख के दरबार परिसर में आकर होली खेलने और बुधवार को मुख्य बाजार में केवल 10-12 लोगों के साथ फेरी लगाकर वापस जाने का कार्यक्रम तय किया गया था। जबकि दरबार परिसर में बुधवार सुबह आमंत्रित देवी-देवताओं

का स्वागत नगर परिषद के पार्षदों द्वारा किया गया। इसी के साथ होली के शुभ अवसर में मंगलवार देर शाम तक बैठकों का दौर चलता रहा और बाद में निर्णय लिया कि मेले में आमंत्रित सभी 20 देवी-देवता बुधवार सुबह पहुंचेंगे। जिन के साथ स्थानीय लोग भी आएंगे।

सोशल मीडिया पर भी स्थानीय प्रशासन द्वारा लिए गए फैसले की सुचना

इस के लिए मंगलवार देर शाम सभी देवी-देवताओं को सूचित भी कर दिया गया। परंतु लोगो की सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने मेले में लगने वाले स्टालों को नहीं लगने दिया, जिससे बहुत से व्यापारी नाराज होना पड़ा दिखे। यही इस मेले

की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर भी स्थानीय प्रशासन द्वारा लिए गए फैसले की आलोचना की गई। मंगलवार देर रात प्रशासन के साथ शहर के व्यापारियों, ग्रामीणों और अन्य स्थानीय लोगों की बातचीत हुई।

मेले में सजने वाली दुकाने भी नहीं पग पायेगी

इसी के साथ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एवं तहसीलदार रामपुर विपिन ठाकुर ने बताया कि वह इस बारे में कोई अधिक जानकारी नहीं दे सकते हैं। इस बारे में एसडीएम रामपुर ही कुछ बता सकते हैं। इसी के साथ देवताओं को नजराना राशि देने पर गहराया संकट हर वर्ष मेला मैदान के बाहर सजने वाली दुकानों से जो आय नगर परिषद को होती रही है। इसी के साथ उस की

कोरोना वायरस से सुरक्षा के मद्देनजर रखते हुए प्रशासन

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस राशि से मेला संपन्न होने पर देवी-देवताओं को नजराना राशि दी जाती रही है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस से सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने न तो खाने-पीने के स्टॉलों को लगाने की अनुमति दी है और न ही अन्य दुकानों को लगाने दिया जा रहा है। यहां तक कि बाहर से आए व्यापारियों को अब

भी उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से कोई सूचना उन्हें मिलेगी और वे दुकानों को सजा पाएंगे। इसी के साथ स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वह स्थिति पर पूरी नजर रखें। ताकि लोगों को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो। और इस वायरस की बजह से किसी को भी इस से कोई प्रॉब्लम ना हो पाए।

Administration could not stand in front of religious faith, fear of corona virus