गगरेट में सरकार द्वारा लाई नई नीति के Against क्रशर उद्योग द्वारा Strike, निमार्ण कार्य ठप

ऊना जिले के गगरेट में खनन को लेकर हिमाचल सरकार के द्वारा लाई गई नई नीति के against क्रशर उद्योग के द्वारा की गई Strike से निर्माण सामग्री की Problem पैदा होते ही चारों तरफ हाहाकार मच गया है। निर्माण सामग्री के न मिलने की वजह से जहां पर निजी निर्माण कार्य तो प्रभावित हुए ही हैं। वहीं पर, सरकार के द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्य भी बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं।

दूसरी तरफ ग्राम पंचायतों को 31 मार्च से पहले बजट खर्च करने का आदेश मिला है परन्तु निर्माण सामग्री के न मिलने की वजह से पंचायतों में निर्माण कार्य ठप पड़े हुए हैं। पंचायत के प्रधानों ने हिमाचल सरकार से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है।

पंचायत के विकास कार्य को करने के लिए स्वां नदी से दी जाए खनन की आज्ञा

पंचायत के प्रधानों ने कहा कि यदि शीघ्र ही इसका हल न निकला तो पंचायतों का Fund lapse होने के लिए उनको दोषी न ठहराया जाए। ग्राम पंचायत टटेहड़ा के प्रधान प्रकाश चंद, ग्राम पंचायत ओयल के प्रधान सोनी लाल, ग्राम पंचायत कलोह के प्रधान संजीव संधू, ग्राम पंचायत गगरेट अपर के प्रधान राज कुमार, ग्राम पंचायत अबोटा की प्रधान नीना देवी एवं ग्राम पंचायत संघनेई के प्रधान संजीव शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार ओर क्रशर उद्योग में उपजे इस गतिरोध को तोड़ने के लिए हिमाचल सरकार द्वारा पहल करे।

उन्होंने कहा कि Crusher industry से निर्माण सामग्री हासिल करने के लिए हर कोई निर्भर है। सरकार के द्वारा पहले ही खनन पर रोक लगा रखी है इसलिए पंचायत के कामों के लिए भी स्वां नदी से 1 ट्राली रेत की नहीं उठाई जा सकती है। अब यदि सरकार Crusher industry से बात करने को तैयार नहीं तो फिर ग्राम पंचायतों को पंचायत के विकास कार्य को करने के लिए स्वां नदी से खनन की आज्ञा दी जाए।

सरकार को करना पड़ सकता जनता के आक्रोश का सामना

31 मार्च का नजदीक आने के कारण ग्राम पंचायतों पर विकास कार्यों के लिए जारी किए गए फंड को खर्च करने का बहुत भारी दवाब है, परन्तु बिना निर्माण सामग्री के विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाना संभव नहीं है। इसी वजह से जनहित को ध्यान में रखते हुए हिमाचल सरकार कोई भी बीच का रास्ता निकाले नहीं तो सरकार को भी जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।

Strist, construction work stalled by crusher industry Against new policy brought by Government in Gagre

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