आस्था के नाम पर नियमों के साथ खिलवाड़ मेड़ी मेले का रिवाज

ujna

जिला ऊना के अंब में आस्था के नाम पर नियमों के साथ खिलवाड़ मेड़ी मेले का एक रिवाज बन गया है। लाख Appeal एवं सख्त हिदायत के पश्चात भी Overloading एवं मालवाहक वाहनों में अभी भी ढुलाई जारी है। जबकि पुलिस के द्वारा ऐसे वाहनों के चालान किये जा रहे है। यहाँ पर कुछ ऐसा चल रहा है जैसे कि कुछ हजार का जुर्माना देकर खतरों के साथ सफर को जारी रखने का License मिल गया हो।

पुलिस को आस्था का दिया जाता है हवाला

कई बार यह सोच मालवाहक वाहनों में आनेवाले श्रद्धालुओं को लेकर सामने लाई जाती है कि कई गरीब लोग अपने वाहनों में धार्मिक यात्रा पर आए हुए हैं। इसलिए ट्रक एवं टेंपो को double Decker बनाकर सस्ते साधन के रूप में लाते हैं। इनको लेकर जानकार लोगों का यह कहना है कि ट्रक इन ग्रामीणों लोगों के नहीं होते, बल्कि पूरी तरह से Professional लोगों के हैं।

वह पंजाब में वर्षभर लगने वाले मेलों में इन श्रद्धालुओं को ढोने का काम करते हैं। मेड़ी मेले में भी विविध बार सुबह के समय पंजाब जाने वाले लोगों को मालवाहक गाड़ियों के Driver आवाजें मारते दिख जाते हैं। इसमें केवल फर्क बसों के मुकाबले कुछ कम रुपयों का ही होता है। जबकि पुलिस की ओर से बैरियर या अन्य स्थानों पर रोके जाने पर गाँव के गरीब लोग होने एवं आस्था का हवाला दिया जाता है।

मेले के पहले 2 दिन प्रशासन की पहल का कोई भी खास असर नहीं दिख रहा

इसमें वास्तविकता यह है कि अधिकांश double Decker ट्रक बिना परमिट या License के सवारियां ढोने का काम करते हैं। ऐसा सिलसिला सारे मेले में चलता रहता है। यदि प्रशासन द्वारा इन मालवाहक वाहनों पर सख्ती करने में सफलता मिल जाए तो मेले के लिए प्रदेश एवं पंजाब सरकार की विशेष बसों से और भी आमदनी होगी।

इस बार प्रशासन की ओर से DC संदीप कुमार समेत SP के गोकुलचंद्र ने श्रद्धालुओं से सोशल मीडिया के जरिये से Appeal की थी कि मेले में मालवाहक वाहनों में न आएं। लेकिन मेले के पहले 2 दिन प्रशासन की पहल का कोई भी खास असर सामने नहीं दिख रहा है।