हिमाचल प्रदेश में फैले कोरोना वायरस के खौफ के चलते प्रदेश सरकार ने तैयार किया 1100 करोड़ का शिक्षा बजट, 05 मई को लगेगी मुहर

हिमाचल प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार से कितना बजट मिलेगा, इस पर यह निर्णय 05 मई को लिया जाएगा और इस दिन बजट पर मुहर लगेगी। प्रदेश सरकार ने 1100 करोड़ का प्रस्तावित बजट भारत सरकार को भेजा है। हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए पहली बार प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक इस बार वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से होगी।

प्राप्त जानकारी अनुसार केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ। रमेश पोखरिवाल निशंक की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में हिमाचल के शिक्षा मंत्री अपनी योजना से उन्हें अवगत करवाएंगे और इस बजट के महत्पूर्ण खटको को बतायंगे।

वर्तमान में प्रदेश भर में 3,740 प्री प्राइमरी स्कूल चलाए जा रहे

इसी दौरान हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए बनाए गए 1100 करोड़ के बजट प्रस्ताव के तहत हिमाचल प्रदेश में प्री प्राइमरी स्कूलों का दायरा और बढ़ाने, नए वोकेशनल कोर्स शुरू करने की योजना को साझा किया गया है।

साथ ही वर्तमान में प्रदेश भर में 3,740 प्री प्राइमरी स्कूल चलाए जा रहे हैं। इनमें 47 हजार से ज्यादा बच्चों ने दाखिले लिए हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार इन स्कूलों की संख्या और बढ़ाना चाहती है। तथा गांव-गांव में सरकारी स्कूलों में नर्सरी और केजी में अधिक से अधिक बच्चों को दाखिले देने का लक्ष्य रखा गया है।

953 स्कूलों में दी जा रही वोकेशनल शिक्षा

पीएबी की बैठक के लिए प्री प्राइमरी के विस्तार को प्राथमिकता में शामिल किया गया है। इसके अलावा अभी 953 स्कूलों में वोकेशनल शिक्षा दी जा रही है। इस का लाभ छात्रों को मिल रहा है। इसको भी सरकार ने अन्य स्कूलों में शुरू करने की योजना बनाई है। समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय ने सभी जिलों से बजट वार प्राप्त हुए ऑनलाइन सुझावों के आधार पर बजट तैयार किया है।

Related Posts