हिमाचल के लोगो मिली राहत, इस साल बिजली दरें बढ़ने की संभावना कम, सिर्फ कोविड सेस ही लगेगा

हिमाचल प्रदेश के लोगो को थोड़ी राहत मिली है जानकारी के अनुसार वैश्विक महामारी कोरोना के चलते इस साल प्रदेश में बिजली की दरें बढ़ने की संभावना कम ही है। हाल ही में सरकार ने प्रदेश में बिजली की दर्रे बढ़ाने की बात कहि थी। मगर मंगलवार शाम तक विद्युत

नियामक आयोग के पास ई-मेल से दर्ज हुए सुझाव और आपत्तियों में अधिकांश लोगों ने इस कठिन दौर में बिजली दरें न बढ़ाने की मांग की है। इसी के साथ आयोग ने अब सुझाव और आपत्तियों पर मंथन शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार संभावित है कि 25 मई तक बिजली दरों को लेकर घोषणा हो जाएगी। जिस से प्रदेश को थोड़ी राहत मिल सकती है।

बिजली बोर्ड से इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी

साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार ने बिजली के प्रति यूनिट स्लैब पर कोविड सेस लगाने का भी विचार कर रही है। साथ ही बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक में इसको लेकर विस्तृत चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार बिजली बोर्ड से इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी गई है। ऐसे में आसार

जताए जा रहे हैं कि हिमाचल प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं पर दोहरा आर्थिक बोझ सरकार नहीं डालेगी। इसी लिए प्रति स्लैब पर ही कोविड सेस लगाकर राजस्व जुटाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उल्लेखनीय है कि राज्य बिजली बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग से बिजली दरों में 8,73 फीसदी की बढ़ोतरी मांगी है।

6,000 करोड़ के वार्षिक राजस्व की जरूरत बताई

487 करोड़ के राजस्व घाटे का हवाला देते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 6,000 करोड़ के वार्षिक राजस्व की जरूरत बताई गई है। बीते साल के मुकाबले इस बार हिमाचल प्रदेश बोर्ड ने 882 करोड़ की अधिक मांग की है। इसी के साथ ही बोर्ड ने आयोग को भेजी

पिटीशन में हिमाचल प्रदेश के 21 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और 30 हजार औद्योगिक घरानों को दी जाने वाली बिजली सप्लाई को 8,73 फीसदी की दर से बढ़ाने की मांग की है। जिस पर सरकार चर्चा करेगी।

Himachal’s people got relief, this year electricity rates are unlikely to rise, only Kovid cess will be taken

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