कोरोना संक्रमित के घर में वायरस की क्रूरता, पत्नी भी निकली संक्रमित, घर के हालात बहुत ज्यादा खराब

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के सरकाघाट का एक परिवार कोरोना वायरस की बजह से बेबस और लाचार हो गया है। प्रदेश के इस परिवार में बेटे की मौत के बाद दीया जलाने को तेल भी नहीं है। साथ ही युवक की पत्नी भी संक्रमित पाई गयी है। शारीरिक दूरी थी लेकिन सामाजिक दूरी भी छुपाए नहीं छुपती। इसी के अनुसार बचपन से जिस बेटे को बीमारी से बचाने के लिए लड़ाई लड़ी आज उसकी याद में दीया जलाने के लिए घर में तिलों का तेल तक नहीं है।

परिवार पर मुसीबतों का टूटा पहाड़

यह कोई फ्लिम की कहानी नहीं है। बल्कि हिमाचल के जिला मंडी के सरकाघाट के एक परिवार की है। चौक ब्राडता के परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा है। परिवार में नौजवान बेटे को खोने का गम भी परिवार साझा नहीं कर सकता। प्रदेश का यह परिवार बेबस हो गया है इस बीमारी के आगे।

बुजुर्ग मां और पिता चाह के भी नहीं कर सकते कुछ

जानकारी के अनुसार दिल्ली से लौटा बेबस पिता अपनी 80 वर्षीय मां को दूर से देखकर सिर्फ आंसू बहा सका। क्युकी पूरा परिवार अलग-थलग रहकर एक-दूसरे को हौसला दे रहा है। परिवार में कोरोना पॉजिटिव बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद दिल्ली से बुधवार रात को लौटे पिता होम क्वारंटाइन में हैं। न किसी से मिले न बात की। इसी के साथ बुजुर्ग मां दूर से ही आंसू बहाती रहीं है। इस बीमारी ने परिवार को बेसहारा कर दिया है।

घर में दीया जलाने के लिए तेल भी नहीं

प्रदेश में अपने घर पहुंचे तो देखा बेटे की याद में दीया जलाने के लिए तेल भी नहीं था। इतना ही नहीं बल्कि खाना बनाने के लिए घर में सब्जियां भी नहीं थी। इनकी पत्नी भी संक्रमण की चपेट में आने से शिमला में उपचाराधीन हैं। इसके साथ ही मां ही खाना कमरे के बाहर रख देती हैं। जिस उम्र में उनको आराम चाहिए मगर इस बीमारी की बजह से वह काम कर रही हैं।

बेटे की याद में रो रहे पिता

साथ ही अपने बेटे की याद में रो रहे पिता, अपनी मां को देखकर घुट रहे हैं। मगर कुछ कर नहीं क्र सकते। वहीं उपचाराधीन पत्नी की लंबी उम्र के लिए दुआ कर रहे हैं। साथ ही छोटा बेटा भी दूर से ही पिता से बात कर उनको हौसला देने की कोशिश करता रहता है।

अंतिम समय में नहीं थे बेटे के साथ

इस युवक के पिता बताते हैं कि इतना बुरा वक्त भगवान किसी को न दिखाए, तथा उन्होंने यह भी कहा की इस बीमारी को हलके में ना ले यह बीमारी इतनी भयानक है की पुरे परिवार को तबाह कर सकती है। जिस घड़ी में सभी लोग एक साथ होते हैं। पिता ने अपनी पूरी उम्र बेटे के इलाज के लिए जद्दोजहद की लेकिन अंतिम समय में उसके साथ न था। यह बीमारी उसे भी खा गयी।

अंतिम संस्कार देख रोये पिता

इसके साथ ही उसका जिस तरह से अंतिम संस्कार हुआ उसे सोचकर बहुत दुख होता। साथ ही पत्नी भी परेशान हैं। फोन करूं तो कैसे। भगवान ऐसी बीमारी किसी को न दे। तथा उन्होंने सभी को इस से बचने और सुरक्षित रहने की सलाह दी।

Virus cruelty in Corona infected house, wife also got infected, conditions of the house are very bad

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