(HRTC) के कर्मचारी कोरोना की लड़ाई में दे रहे अपना मुख्य योगदान, मास्क बनाने में लगे कर्मचारी

हिमाचल प्रदेश में फैली कोरोना महामारी की बजह से जिन हाथों में स्टेयरिंग नजर आते थे। बस में टिकट मशीन लेकर परिचालक के कदम सवारियों के टिकट काटने के लिए बढ़ते थे। प्रदेश में आज ये कदम टेलरिंग मशीनों पर चल रहे हैं।

एचआरटीसी में सेवारत कर्मियो चालकों-परिचालकों समेत अन्य कर्मचारी मास्क बनाने में जुटे हैं। इसी के साथ कर्मियों को 15 हजार मास्क बनाने का लक्ष्य दिया गया है। जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

चालक-परिचालकों समेत अन्य कर्मी भी तैयार कर रहे मास्क

प्राप्त जानकारी के अनुसार कई जगह यह कार्य घर में चल रहा है तो निगम की कई कर्मशालाओं में भी यह काम किया जा रहा है। इसी के साथ प्रशिक्षण के बाद कर्मी थ्री लेयर मास्क बना रहे हैं। लॉकडाउन के बीच बस सेवाएं पूरी तरह बंद हैं। जिस बजह से चालक-परिचालकों समेत अन्य कर्मी मास्क तैयार कर रहे हैं।

यह कार्य सभी को नहीं सौंपा है। कुछ सरकार के निर्देश पर बसों में भी सेवाएं दे रहे हैं। कुछ कर्मी बसों की देखरेख में तो कई मरम्मत कार्य में भी जुटे हैं। बाकियो के कर्मचारियों को यह काम दिया गया है।

हिमाचल में एचआरटीसी की है 27 वर्कशाप

हिमाचल में एचआरटीसी की कुल 27 वर्कशॉप हैं, लगभग सभी में मास्क तैयार किए जा रहे हैं। जब तक बसें चलाने के लिए सरकार के आदेश न हों, तब तक बसों का भी रखरखाव और मरम्मत भी की जा रही है। सरकार के आदेश मिलते ही निगम बसों की आवाजाही शुरू कर देगा।

मास्क बनाने का काम लगभग सभी जगह पूरा हो चुका है। इसी के साथ सड़कों पर बसें दौड़ते ही कर्मी अपनी कर्मशालाओं में तैयार मास्क पहनेंगे। सैनिटाइजर की व्यवस्था भी लागू की जायेगी।

(HRTC) employees are making their main contribution to the battle of Corona, employees engaged in making masks

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