प्रदेश में लगे लॉकडाउन में गरीबो के लिए मसीहा बनी राजधानी शिमला की यह संस्था, जानिए पूरी जानकारी

हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन में ज्यादा तर गरीब और मरीज चिंतित थे। जिन की आर्थिक स्तिथि ठीक है उन पर इस लॉकडाउन का अधिक असर नहीं पड़ रहा है। लॉकडाउन में केवल गरीब इंसान पीस रहा है। ऐसे में शिमला की एक संस्था ने इनकी चिंता दूर कर दी है। तथा गरीबो को अंधरे में एक रौशनी दिखी है। लॉकडाउन में जब सब कुछ बंद हो गया था। लोग अपने घरों में कैद रहे, इस दौरान गैर सरकारी

उमंग फाउंडेशन बनी कर्फ्यू के दौरान रक्तदान शिविर लगाने वाली पहली संस्था

संस्था उमंग ने मरीजों और गरीबों के जीवन में उमंग भर दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार उमंग फाउंडेशन ने प्रदेश में कर्फ्यू के दौरान उत्तर भारत का पहला रक्तदान शिविर 26 मार्च को मशोबरा में लगाकर एक पहल की है। जिससे ब्लड बैंकों में रक्त की कमी को पूरा करने की शुरुआत हुई है। इसी के साथ थैलेसीमिया के मरीजों के लिए यह बड़ी राहत रही। इसके साथ ही लॉकडाउन में इस संस्था ने गरीब परिवारों तक राशन भी पहुंचाया। शिमला की इस संस्था ने कोरोना वायरस के खौफ के बीच सबसे पहले जनसेवा की ओर कदम बढ़ाए है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात कर रक्तदान शिविर लगाने के लिए एडवाइजरी जारी करवाई

शिमला में स्तिथ इस संस्था के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात कर रक्तदान शिविर लगाने के लिए एडवाइजरी जारी करवाई थी। अस्पतालों में खून की कमी को पूरा करने और ऐसे समय में लोगों के जीवन को बचाने के लिए पहल कर शहर से दूर ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान शिविरों का आयोजन कर लोगों को रक्तदान की प्रेरणा प्रदान की। इसी के साथ लोगो को कोरोना से बचने के गुण भी सिखाये।

थैलेसीमिया मरीजों व दिव्यांगों को बड़ी राहत

इसी के साथ उमंग संस्थान ने कई वर्षों से थैलेसीमिया मरीजों के लिए कार्य करने के साथ दिव्यांगों के लिए कार्य कर रही है। इस संस्था ने लोगो के लिए बहुत से महत्वपूर्ण कार्य किये है। इसी का परिणाम है कि दिव्यांगों के मनोबल को इतना ऊंचा कर दिया कि पंद्रह दिव्यांग जिनमें दृष्टिबाधित भी हैं नेट व सेट के साथ जेआरएफ पाकर पीएचडी कर रहे हैं। यह प्रदेश के लिए बहुत बड़ी बात है की दृष्टिबाधित और दिव्यांग व्यक्ति भी अपनी कला और अपने आप को सामने ला पा रहे है। तथा इन मुकामो पर पहुंच पा रहे है।

This institution of the capital Shimla became the messiah for the poor in the lockdown in the state, know full information

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