ऑनलाइन पढ़ाई कही बच्चों की आंखों पर पड़ ना जाये भारी, अभिभावक डॉक्टर को फोन कर ले रहे सलाह

हिमाचल प्रदेश में लगे कोरोना के कारण क्लफ्यू में मोबाइल फोन पर ऑनलाइन शिक्षा अब स्कूली बच्चों की आंखों पर भारी पड़ने लगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगातार घंटों मोबाइल फोन पर क्लास अटेंड करने से विद्यार्थियों की अब नजरें कमजोर होने लग पड़ी हैं। इसी लिए बच्चों की आंखों पर अधिक दबाव पड़ने से अभिभावक परेशान हैं।

साथ ही आईजीएमसी के नेत्र रोग विभाग में फोन कर अभिभावक इस बारे में सलाह ले रहे हैं। इसी के दौरान नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना कई ऐसे कॉल उन्हें आ रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद हैं। जिस बजह से प्रदेश में छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है।

सुबह से दोपहर तक लगातार चलती कक्षाएं

इसी के साथ निजी स्कूल के छात्र व छात्राओं की कक्षाएं सुबह से दोपहर तक चलती हैं, लेकिन समस्या इस बात की है कि इस दौरान उन्हें ब्रेक तक की फुर्सत नहीं मिलती। साथ ही फोन पर छोटे-छोटे शब्द होने से आंखों पर प्रभाव पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार शिक्षक भी अपना सिलेबस जल्द निपटाने की होड़ में हैं।

चिकित्सकों का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षण को लेकर सही गाइडलाइन न होने से यह सब हो रहा है। घंटों मोबाइल फोन पर सिलेबस पूरा करने का दबाव और मोबाइल से निकलती रेडिएशन बच्चों की आंखें कमजोर कर रही हैं। यह बच्चो के लिए चिंता की बात है।

आईजीएमसी के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएल शर्मा ने दी जानकारी

इसी दौरान आईजीएमसी के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएल शर्मा का कहना है कि शिक्षक सेशन को 20 मिनट का निर्धारित करें। जिससे ऑनलाइन शिक्षण के दौरान छात्रों की आंखों को थोड़ी देर के लिए आराम मिल सके। तथा उन्हें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना आये साथ ही चिकित्सकों का कहना है कि मोबाइल फोन नजदीक होता है। अगर टीवी के माध्यम से लर्निंग दी जाए तो यह भी बेहतर विकल्प हो सकता है। बच्चे और टीवी के बीच की दूरी 3 मीटर की होती है, जबकि स्कूल में यह दूरी ब्लैकबोर्ड से 6 मीटर तक हो जाती है। इस से बच्चो को अधिक परेशानी नहीं होगी।

Do not fall heavily on the eyes of children studying online, calling parents doctor and getting advice

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *