प्रदेश में फैले कोरोना वायरस का साया अब सेब सीजन में, बागवानों और किसानो पर संकट

himachal apple

हिमाचल प्रदेश में 15 जून से शुरू होने वाले सेब सीजन से पहले बागवानों के लिए मजदूरों का संकट खड़ा हो गया है। प्रदेश में फैले कोरोना वायरस की बजह से किसानो और बागवानों पर संकट मंडरा रहा है। इसी के साथ सेब सीजन में नेपाली मजदूरों की मांग रहती है। इसी लिए मजदूरों पर भी संकट मंडरा रहा है। बहुत से नेपाली मजदुर प्रदेश में कार्य करने के लिए आते है। लेकिन इस वायरस की बजह से प्रदेश में लोगो को बहुत सी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश और प्रदेश में लॉकडाउन के कारण ये अभी पहुंच नहीं पा रहे। इसी लिए सेब सीजन के लिए नेपाल और उत्तर प्रदेश से लाखों श्रमिक काम की तलाश में प्रदेश में आते हैं।

प्रदेश के बागवान कर रहे सरकार से मांग

प्राप्त जानकारी के अनुसार इन दिनों मजदूरों का आना पूरी तरह से बंद हो गया है। इसी साथ बागवान प्रदेश सरकार से मांग कर रहे हैं। कि नेपाल और देश के दूसरे राज्यों से मजदूरों के आने की व्यवस्था करने का मामला केंद्र सरकार से उठाने को दबाव बनाया जा रहा है। जिस का कारण सीजन के समय बागवानों को कोई परेशानी न हो।

श्रमिकों में से 75 फीसदी सिर्फ नेपाल से आते हैं

जानकारी के अनुसार प्रदेश में हर साल सेब सीजन में नौ लाख मानव श्रम दिवस सृजित होते हैं यानी करीब पांच लाख कामगार बाहर से हिमाचल प्रदेश कार्य करने के लिए हैं। और सीजन खत्म होने के बाद वापस चले जाते हैं। इन श्रमिकों में से 75 फीसदी सिर्फ नेपाल से आते हैं। इनके अलावा सेब की पैकिंग के लिए कामगार उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से भी आते हैं। तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों से प्रदेश आते है।

नेपाल और उत्तर प्रदेश से आते है प्रदेश में मजदूरी करने

इसी के साथ शेष अन्य राज्यों से काम के लिए पहुंचते हैं। हिमाचल प्रदेश में नेपाल के कामगार मार्च के बाद से हिमाचल आने शुरू हो जाते थे। लेकिन प्रदेश लॉकडाउन के कारण इस बार ये नहीं पहुंच पा रहे। हिमाचल प्रदेश सब्जी और फल उत्पादक संघ के अध्यक्ष हरीश चौहान ने बताया कि लॉकडाउन के कारण नेपाल और उत्तर प्रदेश से कामगार नहीं पहुंच पा रहे। जिस बजह से प्रदेश वासियो को बेहद परेशानी हो रही है। जानकारी के अनुसार सीजन 15 जून के बाद आरंभ हो जाएगा।

हिमाचल प्रदेश सरकार को केंद्र से नेपाल के कामगारों को बुलाने का मसला समय रहते उठाना चाहिए। बागवानों का कहना है की इन मजदूरों को एक पखवाड़े तक क्वारंटीन किया जा सके। तभी सेब की अर्थ व्यवस्था को बचाया जा सकेगा। तथा इन मजदूरों को भी लाभ मिल पायेगा।

Corona virus spread in the state now in apple season, crisis on gardeners and farmers

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