आज घर पहुंचे गा गलवां में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए हमीरपुर के जवान का पार्थिव देह

हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर का जवान भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के समीप गलवां में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प में शहीद हो गया। भारतीय सेना के 20 जवानों में शामिल हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के अंकुश ठाकुर की पार्थिव देह आज शाम करीब सवा चार बजे तक पैतृक गांव पहुंचेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि लेह से शहीद की पार्थिव देह पहले हवाई मार्ग से चंडीगढ़ पहुंचाई गई। इसके बाद एंबुलेंस में हमीरपुर स्थित शहीद के पैतृक गांव रवाना कर दी गई है। तथा शाम तक घर पहुंच जायेगी।

प्रशासन के अधिकारी पहले ही शहीद के गांव में मौजूद रहे

इसी के साथ प्रशासन के अधिकारी पहले ही शहीद के गांव में मौजूद है। जानकारी के अनुसार एसडीएम अमित शर्मा, एसपी अर्जित सेन ठाकुर मौके पर मौजूद है। इसी के साथ शहीद के परिजन सुबह से ही पार्थिव देह के आने का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पैतृक गांव पहुंचने के बाद आज शहीद का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। इसी के साथ हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर भी शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। बताया जा रहा है की शहीद अंकुश अपनी खुद की कमाई के पैसों से गांव में घर के लिए थोड़ी सी जमीन और लग्जरी कार खरीदना चाहते थे।

शादी के 10 वर्ष बाद अंकुश ठाकुर के रूप में पहली संतान हुई थी घर में

जिसका जिक्र वह अक्सर अपने माता-पिता से घर पर और फोन पर किया करता था। इसी के साथ परिवार वर्ष 2021 में अंकुश ठाकुर की शादी की तैयारियों में जुटा था। जानकारी के अनुसार पता चला की माता-पिता की शादी के 10 वर्ष बाद अंकुश ठाकुर के रूप में पहली संतान हुई थी। शादी के काफी समय बाद औलाद होने पर माता-पिता ने बड़े प्यार दुलार से बेटे की परवरिश की थी। अंकुश को पढ़ाया-लिखाया और जब वह 20 वर्ष का हुआ तो सेना में भर्ती हो गया। अंकुश से छोटा बेटा आदित्य भी अपने भाई से उम्र में 10 वर्ष छोटा है।

माता-पिता को बड़े बेटे अंकुश ठाकुर के सेना में भर्ती होने के बाद बेटे की शादी की जल्दी थी

अंकुश का छोटा भाई आदित्य अभी 13 वर्ष का है और सातवीं कक्षा में पढ़ता है। इसलिए माता-पिता को बड़े बेटे अंकुश ठाकुर के सेना में भर्ती होने के बाद बेटे की शादी की जल्दी थी। इसी के साथ शहीद की मां ऊषा देवी कहती हैं कि हम पति-पत्नी बुजुर्ग हो रहे हैं और छोटे बेटे की शादी को शायद हम रहें या ना रहें। इसलिए बड़े बेटे की शादी करना चाहते थे। लेकिन चीन की बजह से उन की सभी ख्वाइशे ऐसे ही रह गयी।

The body of the soldier of Hamirpur who was martyred in the violent clash between the armies of the two countries reached Ga Galwan today

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