प्रदेश में कोरोना काल में टैक्स धारकों का डिपुओं से राशन हुआ बंद, एपीएल कार्डधारकों को दी जाने वाली सब्सिडी को भी आधा कर दिया

हिमाचल प्रदेश में कोरोना काल में जरूरतमंदों तक सस्ता राशन पहुंचाने के लिए टैक्स धारकों का डिपुओं से राशन बंद करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथम चरण में खाद्य आपूर्ति विभाग उन डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों का रिकॉर्ड जुटा रहा है। बताया जा रहा है की इन को अब डिपुओं से राशन नहीं मिलेगा। जो टैक्स भरते हैं। दूसरे चरण में कारोबारियों और अन्य टैक्स धारकों की सूची तैयार की जाएगी। इन के बाद प्रदेश के बड़े व्यापारियों और कारोबारियों की सूचि तैयार की जायेगी।

कैबिनेट ने एपीएल कार्डधारकों को दी जाने वाली सब्सिडी को भी आधा कर दिया

बताया जा रहा है की मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि इनकम टैक्स के दायरे में आने वाले लोगों को अब डिपुओं से सस्ता राशन नहीं मिलेगा। जानकारी के अनुसार कैबिनेट ने एपीएल कार्डधारकों को दी जाने वाली सब्सिडी को भी आधा कर दिया है। इसी के साथ यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि इनकम टैक्स के दायरे में आने वाले लोगों को पीडीएस योजना से बाहर कर एपीएल के उन लोगों को भारतीय खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल किया जा सके।

एपीएल कार्ड धारको को लाभ मिल पायेगा

जो बीपीएल से थोड़े ऊपर हैं और एपीएल में सबसे नीचे आते हैं। उन्हें अब बीपीएल की तरह साढ़े तीन रुपये प्रति किलो की दर से आटा और दो रुपये प्रति किलो की दर से चावल दिया जाएगा। जिस का लाभ एपीएल कार्ड धारको को लाभ मिल पायेगा।

बीपीएल और प्राथमिकता वाले परिवारों के लाभार्थियों के चयन के लिए आय सीमा भी बढ़ाकर मंत्रिमंडल ने 45,000 रुपये मासिक कर दी

जानकारी के अनुसार बीपीएल और प्राथमिकता वाले परिवारों के लाभार्थियों के चयन के लिए आय सीमा भी बढ़ाकर मंत्रिमंडल ने 45,000 रुपये मासिक कर दी है। बताया जा रहा है की सूबे में 18.5 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हिमाचल प्रदेश में अभी 18.5 लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इनमें साढ़े पांच लाख राशनकार्ड परिवार गरीब परिवार से हैं।

इसी के साथ राशनकार्ड उपभोक्ताओं को आटा, चावल के अलावा तीन दालें, (मूंग, माश और दाल चना) एक किलो नमक, दो लीटर तेल सब्सिडी पर दिया जाता है। जिस का लाभ प्रदेश के बहुत से कार्ड धारक ले रहे है।

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