हिमाचल में हुए पीपीई किट खरीद घोटाले में आरोपी पूर्व स्वास्थ्य निदेशक और उनकी पत्नी की अग्रिम जमानत की याचिका को कोर्ट ने किया खारिज

हिमाचल प्रदेश में हुए पीपीई किट खरीद से संबंधित पांच लाख के लेन-देन के वायरल ऑडियो मामले में आरोपी पूर्व स्वास्थ्य निदेशक और उनकी पत्नी की अग्रिम जमानत की याचिका को शुक्रवार को हिमाचल है कोर्ट ने खारिज कर दिया है। प्रपात जानकारी के अनुसार कोर्ट ने विजिलेंस की दलीलों को सही मानते हुए कहा कि वर्तमान में हालात में नहीं लगता कि एजेंसी को गिरफ्तारी से पहले जानकारी देने की जरूरत है।

रिमांड पर चल रहे एजेंट पृथ्वी सिंह को सशर्त जमानत दे दी

इसी के साथ कोर्ट ने रिमांड पर चल रहे एजेंट पृथ्वी सिंह को सशर्त जमानत दे दी है। इसी के साथ आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार कर 2,00,000 रुपये के मुचलके पर रिहा कर दिया। जानकारी के अनुसार सभी को आदेश दिए कि वह एजेंसी को जांच में सहयोग करें। साथ ही कोर्ट ने याचिका ख़ारिज कर दी है।

बच्चों को जबरन फंसाने की धमकी दे रहे अधिकारी, पूर्व निदेशक डॉ. एके गुप्ता

प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्यूरो द्वारा एक बार गिरफ्तार हो चुके पूर्व निदेशक डॉ. एके गुप्ता और पत्नी मधुबाला गुप्ता को डर सता रहा था कि ब्यूरो उन्हें गिरफ्तार कर सकता है। प्रदेश में फैले कोरोना महामारी के कारण प्रदेश की जनता पहले से ही परेशान है। ऐसे में इस मामले के सामने आने से प्रदेश में हड़कम्प मच गया है। डॉ. एके गुप्ता और उनकी पत्नी की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि अधिकारी उन्हें व उनके बच्चों को जबरन फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

सरकारी वकील ने इन याचिकाओं को जांच में बाधा पहुंचाने का प्रयास बताया

इसी के साथ एक और मामला दर्ज करने की भी बात कही जा रही है। ऐसे में उन्हें अग्रिम जमानत दी जाए। ऐसे में ब्यूरो को निर्देश दिए जाएं कि वह गिरफ्तारी से 03 दिन पहले जानकारी दें। ब्यूरो से पेश हुए सरकारी वकील ने इन याचिकाओं को जांच में बाधा पहुंचाने का प्रयास बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि गुप्ता को पहले ही जमानत मिली है और कोर्ट ने इन्हे जांच में सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।

आरोपी पूछताछ में शामिल न होकर जांच में सहयोग नहीं कर रहे

कहा जा रहा है की इस याचिका के जरिये वह जांच को प्रभावित करने की कोशिश करना चाह रहे हैं। ताकि जांच में बाधा आये उन्होंने कहा कि आरोपी पूछताछ में शामिल न होकर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। जिस बजह से जांच सही तरीके से नहीं हो पा रही है। ऐसे में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज की जाए।

फोन का डाटा रिकवर करने के दौरान कई तरह की जानकारी भी प्राप्त हुई

इसी दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पति-पत्नी की जमानत याचिका खारिज कर दी। साथ ही ब्यूरो को जब्त किए गए फोन का डाटा रिकवर करने के दौरान कई तरह की जानकारी भी प्राप्त हुई है। इसमें से 03 रिकॉर्डिंग में कई अन्य लेनदेन की जानकारी शामिल है।

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