हिमाचल में 100 से 150 करोड़ का ही हो पा रहा कारोबार, लॉकडाउन के चलते कारोबार पूरी तरह ठप, कारोबारी बेहद मायूस

हिमाचल प्रदेश फैले कोरोना के कारण लगे क्लफ्यू के दौरान प्रदेश में कारोबार अभी तक पटरी पर नहीं लौट पाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में कारोबारी अभी भी मंदी की मार झेल रहे हैं। इसी के साथ ग्राहकों के कम निकलने से हिमाचल में अभी भी एक दिन के दौरान 100 से 150 करोड़ का कारोबार हो रहा है। प्रदेश में मंदी के चलते कारोबारी वर्ग सदमे में है।

एक दिन के दौैरान 400 से 500 करोड़ का कारोबार होता

हिमाचल प्रदेश में एक दिन के दौैरान 400 से 500 करोड़ का कारोबार होता था। मगर लॉकडाउन के चलते कारोबार पूरी तरह ठप हो गया था। प्रदेश में दुकानें खुलने के बाद कारोबारियों को कारोबार में बढ़ोतरी की उम्मीदें थी। मगर दुकानें खुलने के बाद भी मंदी का दौर जारी है। केवल एक्का दुका लोग ही बाजार खरीददारी के लिए पहुंच रहे है।

प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष सुमेश शर्मा ने कहा कि अनलॉक में भी कारोबार मंदी में चल रहा

कजानकारी के अनुसार बाजारों मे नाममात्र ग्राहक आ रहे हैं और जरूरत का सामान ही खरीद रहे हैं। हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष सुमेश शर्मा ने कहा कि अनलॉक में भी कारोबार मंदी में चल रहा है। इसी के साथ कारोबारी अभी तक मंदी के दौैर से नहीं उभर पाए हैं। हिमाचल में कारोबारियों को रोजाना करोड़ों की चपत लग रही है।

साथ ही प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष सुमेश शर्मा ने कहा कि हिमाचल में नाममात्र कारोबार हो रहा है। एक दिन में पूरे प्रदेश में 100 से 150 करोड़ का कारोबार ही हो रहा है। काफी दिन से कारोबार का यह आंकड़ा इसी पर टिका हुआ है। जिस से प्रदेश बहुत सेंकडो कारोबारी परेशान है।

राज्य सरकार को कारोबारियों के लिए राहत प्रदान करने की मांग

हिमाचल प्रदेशाध्यक्ष ने राज्य सरकार से कारोबारियों को राहत प्रदान करने की मांग उठाई है।हिमाचल में लॉकडाउन के दौरान कारोबारियों का कारोबार पूरी तरह चौपट रहा था। जब अब दुकानों के खुलने के बाद भी कारोबार मंदी में चल रहा है। ऐसे में राज्य सरकार को कारोबारियों के लिए राहत प्रदान करनी चाहिए। जिस से उन को थोड़ी राहत मिल पाए खासतौर पर उन छोटे कारोबारियों का ध्यान रखा जाए जिनका कारोबार कोरोना

सकंट काल में पूरी तरह चौपट हो गया है। तथा वह पूरी तरह से इस परेशनी से जूझ रहे है। प्रदेश में ऐसे बहुत से कारोबारी है। जिन का घर का खर्चा केवल उन के कारोबार से आता है। ऐसे में सरकार को कोई अहम कदम उठाना चाहिए।

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