हिमाचल में चला सियासी घमासान, गुप्त बैठक को लेकर भेजा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजा पत्र, जानिए पूरी जानकारी

हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में दो धड़ों के बीच सियासी लड़ाई के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सियासी घमासान दिल्ली हाईकमान तक पहुंच गया है। इसी के साथ सियासी लड़ाई कांगड़ा में मैदान पर कुछ नेता लड़ रहे हैं। जानकारी के अनुसार राजनीतिक पंडितों की मानें तो दोनों गुटों की बागडोर दो बड़े नेता संभाल रहे हैं। इसी के साथ सांसद किशन कपूर पूर्व मंत्री रविंद्र रवि, संजय चौधरी, डॉ. नरेश विरमानी, रणवीर निक्का, घनश्याम शर्मा, निर्मल सिंह, बलदेव ठाकु के खिलाफ राष्ट्रीय

गुप्त बैठक कर पार्टी विरोधी गतिविधियां करना सही नहीं

अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखने वाले पार्टी विधायक और कुछ पदाधिकारी सोमवार को अपने बयान पर थोड़ा असहज दिखे। इसी के साथ एक विधायक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कांगड़ा में गुप्त बैठक कर पार्टी विरोधी गतिविधियां करना सही नहीं था। इसी लिए विधायको को ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र के माध्यम से इस की सुचना दी।

विधायक अर्जुन सिंह ने कहा कि उन्होंने पत्र में हस्ताक्षर किए

प्राप्त जानकारी के अनुसार विधायक अर्जुन सिंह ने कहा कि उन्होंने पत्र में हस्ताक्षर किए हैं। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा की वह पार्टी और मुख्यमंत्री के साथ खड़े हैं। इसी के साथ विधायक विक्रम जरयाल ने पत्र को लेकर पहले तो अनभिज्ञता जताई और बाद में स्पष्ट उत्तर न देकर मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। इसी दौरान विधायक रीता धीमान और मुल्ख राज प्रेमी ने सिग्नल की समस्या की बात कहकर फोन काट दिया। जिला अध्यक्ष चंद्रभूषण नाग ने कहा कि पत्र लिखने का निर्णय सामूहिक है।

यह संगठन का मामला था। इस लिए विधायकों की ओर से जेपी नड्डा को पत्र लिखने की प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले प्रदेश भाजपा मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा ने कहा कि यह पार्टी का विषय है। इस लिए सारा मामला पार्टी के संज्ञान में है।

प्रवक्ता उमेश दत्त ने कहा कि मामला संगठन के ध्यान में था, बैठक को लेकर उठ रहे सवाल

हिमाचल प्रदेश प्रवक्ता उमेश दत्त ने कहा कि मामला संगठन के ध्यान में था। भाजपा पार्टी के कुछ विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि जेपी नड्डा को पत्र लिखने का निर्णय संगठन का है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर संगठन के किस नेता के कहने पर विधायकों से पत्र लिखवाया गया। इसी के साथ जिला कांगड़ा में गुप्त बैठक क्या सांसद किशन कपूर और अन्य नेताओं ने खुद की या किसी के कहने पर की गई थी। यह सवाल भी सियासी पंडित उठा रहे हैं। इस बैठक में मौजूद रहे अधिकतर नेता भी सोमवार को बयान देने से बचते रहे। इस दौरान बैठक में जो भी नेता मौजूद रहे उसमे से अधिकतर नेता इस बैठक की सुचना देने से बचते रहे।

सांसद किशन कपूर को बागी कहना उचित नहीं, पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरेश विरमानी

इसी दौरान इस बैठक की बजह से विधायकों ने सांसद किशन कपूर को बागी बताया। इसी दौरान नगरोटा बगवां मंडल के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरेश विरमानी ने कहा कि सांसद किशन कपूर ने पार्टी को सींचा है। तथा पार्टी को अपना पूरा योगदान दिया है। इसी के साथ उन्हें बागी कहना सही नहीं है। जानकारी के अनुसार विज्ञप्ति जारी

करने वाले माफी मांगें नहीं तो विरोध किया जाएगा। जिला अध्यक्ष चंद्रभूषण नाग तो कांग्रेस का काम करते थे। इसी के साथ उन्होंने कहा की सांसद किशन कपूर के लिए ऐसे शब्द उपयोग नहीं करने चाहिए थे।

Political fire broke out in Himachal, letter sent to National President JP Nadda regarding secret meeting, know full information

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