शहीद की पार्थिव देह का बुधवार को परिवार इंतजार करता रहा, माँ दिन भर रही रोती रही, पुरे क्षेत्र में मातम छाया रहा

हिमाचल प्रदेश में भारत-चीन एलएसी विवाद में हमीरपुर के भोरंज उपमंडल की कड़ोहता के शहीद अंकुश ठाकुर भारतीय सेना में हाल ही में भर्ती हुए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार छुट्टी मंजूर होने के बावजूद भी अंकुश घर नहीं आ सके। प्रदेश में फैले कोरोना के चलते लॉकडाउन के कारण ट्रेन, बस और एयर सुविधा बंद होने के कारण उन्हें छुट्टी रद्द करवानी पड़ी थी। इसी के साथ अंकुश इन दिनों घर आने वाले थे। सेना में

भर्ती होने के बाद अंकुश एक ही बार घर आ पाए थे। इस वीर शहीद की पार्थिव देह का बुधवार को परिवार इंतजार करता रहा, पुरे परिवार में मातम का माहौल है।

13 वर्षीय भाई आदित्य भी अपने भाई की शहादत के गम में आंसू बहा रहा

जानकारी के अनुसार बेटे के इंतजार में मां ऊषा देवी की आंखों पथरा गई हैं। साथ ही सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला 13 वर्षीय भाई आदित्य भी अपने भाई की मौत के गम में आंसू बहा रहा है। इसी के साथ बुधवार सुबह साढ़े सात बजे जैसे ही फोन पर सेना मुख्यालय से बेटे की शहादत

की सूचना मिलने पर पूरे परिवार में चीखपुकार मच गई। इसी के साथ परिवार के अधिकांश सदस्य अभी बिस्तर से उठे ही थे कि बेटे के शहीद होने की खबर सुनने को मिल गई। पुरे परिवार और क्षेत्र में मातम सा छा गया।

2018-19 में भारतीय सेना की 3 पंजाब रेजिमेंट में भर्ती हुए थे अंकुश ठाकुर

मां अपने बेटे के गम में दिन भर रोती हुई बेटे की पार्थिव देह के इंतजार में दरवाजे की तरफ देखती रही। इसी के साथ अन्य महिलाएं भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं। साथ ही आसपड़ोस के बड़े-बुजुर्ग शहीद के माता-पिता को सम्हालते देखे दिए। भारत-चीन एलएसी विवाद में भोरंज के कड़होता के 21 वर्षीय जवान अंकुश ने शहादत पाई है अंकुश अपने मात्र भूमि की रक्षा करते हुआ शहीद हुआ है। अंकुश वर्ष 2018-19 में

भारतीय सेना की 3 पंजाब रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। इसी के साथ अंकुश ने सात माह पूर्व घर पर रंगरूटी काट कर सियाचिन में ड्यूटी ज्वाइन की थी। और वह अपने ड्यूटी करता करता देश के लिए शहीद हो गया है।

अपने बेटे की शहादत पर पिता ने गर्व जताया

अपने बेटे की शहादत पर पिता ने गर्व जताया है ,उन्होंने कहा की चीन को देना होगा इस हमले का मुंहतोड़ जवाब शहीद के पिता सेवानिवृत्त हवलदार अनिल कुमार ने कहा कि उनके परिवार की यह तीसरी पीढ़ी देशसेवा के लिए गई थी। उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। इसी दौरान उन्हपने कहा की वास्तविक नियंत्रण रेखा में नापाक हरकतें करने वाले चीन को उसी की भाषा में मुंहतोड़ जवाब देना बहुत जरूरी है।

The family of the martyr’s body kept waiting on Wednesday, the mother kept weeping all day, mourning in the entire region.

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