शिमला उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं ने गलवान में भारत चीन विवाद में शहीद हुए भारतीय सेना के 20 जवानों की शहादत को लेकर चीन के खिलाफ किया प्रदर्शन

हिमाचल प्रदेश शिमला उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं ने गलवान में भारत चीन विवाद में शहीद हुए भारतीय सेना के 20 जवानों की शहादत को लेकर भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें नमन किया गया साथ ही दो मिनट का मौन भी रखा गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार

अधिवक्ताओं ने इस अवसर पर चीनी समान के पूर्ण बहिष्कार करने का संकल्प लिया। उन्होंने इस संकल्प को लेते हुए कहा कि चीन के सभी समान चाहे वह सस्ते से सस्ता क्यों न हो, हम उसे नहीं खरीदेंगे। ऐसा करने पर ही हम चीन से बदला ले सख्त है। जिस से उन की आर्थिक स्तिथि में बेहद प्रभाव पड़ेगा।

बैनर में चीनी साम्राज्यवाद की नीति की निंदा की गई

जानकारी के अनुसार इस अवसर पर एक बैनर में जहां भगवान राम को चीन के ड्रैगन को मारते हुए दिखाया गया था। वहीं उसमें भारतीय सेना और सरकार के साथ खड़े रहने की प्रतिज्ञा थी। दूसरे बैनर में चीनी साम्राज्यवाद की नीति की निंदा की गई थी। बताया गया की सबसे

महत्वपूर्ण भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देते तीसरे बैनर में अमर जवान और दीपक को दर्शाते हुए अधिवक्ता श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने बॉयकॉट चीन और हिंदी-चीनी बाय-बाय के स्लोगन लिखे बैनर पकड़े थे।

उच्च न्यायालय शिमला के यह अधिकारी रहे मौजूद

तथा खूब प्रदर्शन किया इस अवसर पर रीटा गोस्वामी, शीतल व्यास, गौरव शर्मा, विकास राठौर, नरेंद्र ठाकुर, मलय कौशल, विकास राजपूत, विक्रांत चंदेल, दिनेश ठाकुर रंजन शर्मा, संजीव सूद, नरेंद्र गुलेरिया, कमल किशोर, कुणाल ठाकुर, अरविंद शर्मा, मनोज बग्गा, सुधीर

भटनागर, राकेश शर्मा, हेमांशु मिश्रा, युद्धवीर सिंह ठाकुर, राजू राम राही, हेमंत वैद्य, भूपिंद्र ठाकुर धीरज वरिष्ठ अधिवक्ता जीडी वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता एससी शर्मा, मेहर चंद, विवेकानंद नेगी, अविनाश जरयाल, अनिल गौड़ अदि अधिवक्ता उपस्थित रहे। तथा चीन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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