हिमाचल में लॉकडाउन का अंतिम निर्णय अब जनता पर निर्भर, जीओवी डॉट इन नामक सरकारी वेबसाइट पर सरकार ने सर्वे किया शुरू

हिमाचल प्रदेश में फैले कोरोना महामारी की बजह से पहले केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में लॉकडाउन किया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार शुरुआत में तो सब ठीक रहा मगर अब जब प्रदेश की

स्तिथि में बदलाव हुआ इस बजह से प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन खुल चुका है, मगर हिमाचल प्रदेश में अब हालात नासाज हो गए हैं। प्रदेश में

कोरोना फिर से अपने पेर पसार रहा है। ऐसे हालातों में अब सरकार ने अब जनता से ही पूछा है कि वह हिमाचल प्रदेश में फिर से क्या चाहती है या नहीं। सरकार इस बार खुद पर जोखिम नहीं लेना चाहती है।

जीओवी डॉट इन नामक सरकारी वेबसाइट पर सरकार ने सर्वे शुरू किया

बताया जा रहा है की एक सर्वेक्षण सरकारी एजेंसी के माध्यम से शुरू करवा दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश जीओवी डॉट इन नामक सरकारी वेबसाइट पर सरकार ने सर्वे शुरू किया है।

जिसमें लोगों से पूछा है कि वे प्रदेश में आगे क्या चाहते हैं। इसमें बताया जा रहा है की अभी तक ज्यादा तर लोग लॉकडाउन लगने के पक्ष में है।

अब जनता तय करेगी की लॉकडाउन एक दफा फिर से लगना चाहिए या फिर नहीं

सरकार द्वारा पूछा जा रहा है की क्या यहां पर लॉकडाउन एक दफा फिर से लगना चाहिए या फिर नहीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार जनता की राय के बाद ही सरकार कोई भी निर्णय लेगी।

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। यहां पर दो हजार से ज्यादा मामले अब तक सामने आ चुके हैं।

जबकि एक समय ऐसा था, जब हिमाचल प्रदेश में एक ही एक्टिव मामला रह गया था। अब प्रदेश में एक्टिव केस 845 के आसपास पहुंच गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रोजाना यहां पर अब 50 से ऊपर पॉजिटिव सामने आने लगे हैं।

बेकाबू होते जा रहे हालातों में अभी नाहन में लॉकडाउन

जिस बजह से प्रदेश की स्तिथि नाजुक हो रही है। इन बेकाबू होते जा रहे हालातों में अभी नाहन में लॉकडाउन किया गया है। इसी के साथ बीबीएन एरिया में कर्फ्यू लगाया गया है।

जिस तरह से हालात हो रहे हैं, उससे लगता है कि हिमाचल प्रदेश भर में एक दफा फिर से लॉकडाउन होना बहुत जरूरी है। ऐसा अधिकांश लोग मानते हैं, मगर सच्चाई यह भी है कि यदि लॉकडाउन होता है,

तो हिमाचल प्रदेश के आर्थिक हालात और खराब हो जाएंगे, जो वर्तमान में पटरी पर लौटने शुरू हुए ही हैं।

मगर एक तरफा यह भी है की हिमाचल में कोरोना वायरस के मामले भी काम हो जांयेंगे। यदि प्रदेशवासी स्वस्थ रहे तभी हिमाचल की की स्तिथि भी सही होगी।

हर राज्य की आर्थिक और समाजिक स्तिथि वहा की जनता पर निर्भर करती है, यदि जनता ही स्वस्थ नहीं रह पाएंगी तो आर्थिक स्तिथि का क्या फायदा।

कई सरकारी बोर्ड व निगम को वेतन के लाले पड़ चुके हैं

बताया जा रहा है की केवल सरकार के ही नहीं, बल्कि आम आदमी भी इस कोरोना से काफी ज्यादा प्रभावित होता है, जिसके पास रोजगार नहीं रहता। यहां बहुत बड़ा वर्ग है,

हिमाचल प्रदेश में बहुत से ऐसे लोग है जिनके पास कोई रोजगार नहीं है। मजदूरों की रोजी रोतो पर संकट के बादल मंडरा रहे है। इसके साथ कई सरकारी बोर्ड व निगम ऐसे हैं।

राज्य का टूरिज्म सेक्टर और इससे जुड़े लाखों लोग आज बेरोजगार

जिनके कर्मचारियों को वेतन के लाले पड़ चुके हैं। इसमें से मुख्य एचआरटीसी व पर्यटन निगम विभाग प्रमुख हैं। वहीं राज्य का टूरिज्म सेक्टर और इससे जुड़े लाखों लोग आज बेरोजगार हैं,

हिमाचल एक पर्टयन नगरी है। जिस कारण यहां अधिकतम लोगो का व्यवसाय टूरिज्म सेक्टर से जुड़ा हुआ है।

पहली अगस्त तक एक सप्ताह का यह सर्वे चलेगा

इस लिए प्रदेश की स्तिथियो को देखते हुए तथा इस तरह की व्यवस्थाओं में अब सरकार ने ही जनता से पूछ लिया है कि वह क्या चाहती है कि हिमाचल प्रदेश में लॉकडाउन लगे या फिर नहीं। हिमाचल जीओवी डॉट इन पर सर्वेक्षण किया जा

रहा है। बताया जा रहा है की पहली अगस्त तक एक सप्ताह का यह सर्वे चलेगा, जिसमें जनता की राय को महत्त्व दिया जाएगा।

अब लॉकडाउन पर निर्भर करेगा की वो क्या चाहती है। उसी के बाद सरकार कोई निर्णय ले पाएगी।

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