रोहतांग टनल की सुरक्षा को लेकर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने भी परिशिक्षण किया शुरू, टनल की सुरक्षा के लिए पुलिस मुख्यालय ने 05 अधिकारियों का बोर्ड गठित किया

हिमाचल प्रदेश में आने वाले दिनों में देश के लिए सामरिक दृष्टि, तथा यातायात की दृस्टि से अति महत्वपूर्ण होने वाली 8.8 किलोमीटर लंबी अटल रोहतांग टनल की सुरक्षा को लेकर हिमाचल प्रदेश पुलिस ने भी अपना इस टनल में परीक्षण शुरू कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय ने 05 अधिकारियों का बोर्ड गठित किया है।

बताया जा रहा है की यह टनल की राउंड द क्लॉक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन का अध्ययन करेगा। ताकि इस टनल के अंदर तथा बाहर प्रदेश पुलिस कर्मियों को तैनात किया जा सके। ताकि जनता को सुरक्षा प्रदान की जा सके।

प्रदेश पुलिस टनल की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करेगी

इसी के साथ सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने से पहले हिमाचल प्रदेश पुलिस का यह बोर्ड जम्मू-कश्मीर के जवाहर टनल (बनिहाल) और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी टनल (चेनानी-नशरी) की सुरक्षा व्यवस्था देखेगा।

बताया जा रहा है की इसी अध्ययन के आधार पर हिमाचल प्रदेश पुलिस टनल की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की कोई दुर्घटना ना हो सके।

बोर्ड टनल और हिमाचल प्रदेश के हिस्से के पूरे मनाली-लेह रोड की सुरक्षा को खतरे का असेसमेंट करेगा

प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकारियों के बोर्ड की अध्यक्षता आईजी सीआईडी सुरक्षा दलजीत कुमार ठाकुर करेंगे। इसी के साथ डीआईजी सेंट्रल रेंज मंडी मधुसूदन के साथ एसपी कुल्लू गौरव सिंह तथा एसपी लाहौल-स्पीति राजेश धर्माणी

शामिल होंगे साथ ही आईबी का एक प्रतिनिधि सदस्य के तौर पर भी शामिल किए गए हैं। बताया जा रहा है की बोर्ड टनल और हिमाचल प्रदेश के हिस्से के पूरे मनाली-लेह रोड की सुरक्षा को खतरे का असेसमेंट करेगा।

इसके अलावा हर दिन पर्यटकों स्थानीय लोगों और सेना के वाहनों के मूवमेंट की प्रतिदिन निगरानी के आधार पर इस अद्भुत अटल टनल के दोनों ओर 10-10 किलोमीटर के इलाके लिए स्विस एल्प्स, चीन, जपान और पाकिस्तान की तरह ट्रैफिक लोड और उसके संचालन का भी निर्धारण करेगा। जिस से बहुत से लाभ जनता को मिल पाएंगे।

बोर्ड 14 सितंबर से पहले अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपेगा

टनल सुरक्षा को लेकर बोर्ड 14 सितंबर से पहले अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपेगा। उसके आधार पर ही सुरक्षा का खाका बनाया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि टनल के शुरू होने के बाद मनाली लेह

रूट के 46 किलोमीटर कम होने की वजह से लद्दाख में तैनात भारती सेना की सप्लाई के साथ साथ आवाजाही में भी बेहद लाभ मिल पायेगा। इस टनल से सेना को बहुत से लाभ मिल पाएंगे साथ ही सेना

भारतीय सेना को मिल पायेगा लाभ

आसानी से अपने हथियार राशन और अन्य जरूरी सामान इस टनल की सहायता से कम समय में पहुंचा पाएंगे। साथ ही लाहौल-स्पीति के अनछुए इलाकों में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

यहां बहुत से लोकप्रिय और खूबूसरत पर्टयक स्थान है जो बहुत ही रोमांचित और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। इस टनल से यह स्थान पर्टयन दृष्टि से भी उभरेगा।

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