राजधानी शिमला में स्तिथ ऐतिहासिक इमारत एडवांस्ड स्टडी का नाम बदला जाएगा, स्वंत्रता सेनानी या भारतीय प्रचलित ही कोई नाम रखा जा सकता है

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्थित ब्रिटिश शाशन काल के समय की बनी एडवांस्ड स्टडी का नाम जल्द बदलने वाला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इसको लेकर एडवांस्ड स्टडी प्रशासन ने औपचारिकताएं पूरी करना शुरू कर दी हैं।

इसी के साथ खास बात यह है कि एडवांस्ड स्टडी जो देश व विदेशों से आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद है। शिमला में स्तिथ यह सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध पर्टयक स्थानों में से एक है।

उसका नाम स्वंत्रता सेनानी या भारतीय प्रचलित ही कोई नाम रखा जाएगा। बताया जा रहा है की भारतीय उच्च शिक्षण संस्थान के नाम से मशहूर इस धरोहर ने दुनिया में अपनी पहचान बनाई है।

अपनी वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता की बजह से यह स्थान हमेशा से ही चर्चा में रहता है।

दरअसल एडवांस्ड स्टडीज के कई हिस्से खासकर किचन विंग की हालत बहुत खराब है

प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके अलावा वर्ष 1888 के बाद पहली बार ऐतिहासिक धरोहर भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।

इसी के साथ बताया जा रहा है की यह कार्य 67 करोड़ की लागत से किया जाएगा। इसी के साथ दरअसल एडवांस्ड स्टडीज के कई हिस्से खासकर किचन विंग की हालत बहुत खराब है। इस

ऐतिहासिक इमारत की पांच मंजिला किचन विंग असुरक्षित है। यहां पानी छत से टपक रहा है और सीलन से दीवारें खराब हो गई हैं व टाइल्स भी टूट गई हैं। इसके चलते एडवांस्ड स्टडीज में ऐसी जगहों को मरम्मत कर दुरुस्त किया जाएगा।

किचन विंग धरोहर की दृष्टि से काफी अहम है

इसी के साथ भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला में आयोजित पे्रस वार्ता में संस्थान के निदेशक प्रो. मकरंद आर. परांजपे ने बताया कि गुरुवार से यहां का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।

साथ ही किचन विंग धरोहर की दृष्टि से काफी अहम है। ब्रिटिश काल में यहां क्रेन के जरिए खाना नीचे से उपर ले जाया जाता था। यह ऐतिहासिक इमारत बहुत ही अद्भुत और आकर्षित है।

हिमाचल के सबसे लोकप्रिय और प्रसिद्ध पर्टयक स्थानों में से एक

इस लोकप्रिय विंग में विक्टोरिया लॉन्ड्री है, पुराना रेफ्रिजरेशन सिस्टम है। प्राप्त जबनकारी के अनुसार प्रो. मकरंद ने बताया कि एडवांस्ड स्टडीज में 1888 के बाद मरम्मत का कार्य नहीं हुआ है।

इसी के साथ केवल कुछ छोटी-छोटी चीजों में सुधार किया गया है। साथ ही किचंग विंग के साथ पूरे भवन की मरम्मत की जाएगी। ताकि इस ऐतिहासिक इमारत को सुरक्षित रखा जा सके।

जिसके लिए चरणबद्ध तरीके से इस कार्य को किया जाएगा। साथ ही भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, शिमला, राष्ट्रपति निवास में गुरुवार को मुख्य भवन में स्थित किचन विंग क्षेत्र की मरम्मत और पुनर्स्थापना की आधारशिला रखी गई है तथा जल्द ही इस कार्य को पूरा किया जायेगा।

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