डिजिटल राशनकार्ड बनाने की जिम्मेदारी अब हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण विकास विभाग को, कार्ड घोटाले को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग सतर्क

हिमाचल प्रदेश में बीपीएल और अंत्योदय के राशनकार्ड बनवाकर प्रदेश में तैनात 125 सरकारी अफसरों की ओर से गरीबों का राशनकार्ड डकारने का मामला हाल ही में सामने आने के बाद अब खाद्य आपूर्ति विभाग सतर्क हो गया है,

इस लिए विभाग ने डिजिटल राशनकार्ड बनाने की जिम्मेदारी अब हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण विकास विभाग को सौंप दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की अब पंचायतें खुद डिजिटल राशनकार्ड बनाएंगी, यहां तक की इससे पहले भी हालांकि राशनकार्ड तो पंचायतें खुद ही बनातीं थीं, लेकिन उनकी डिजिटाइजेशन खाद्य आपूर्ति विभाग करता था।

खाद्य आपूर्ति विभाग यह काम ग्रामीण विकास विभाग को सौंपेगा

अब प्रदेश में कार्ड को लेकर फ्रॉड का मामला सामने आने के बाद अब विभाग का कहना है कि कौन गरीब है और कौन नहीं ये प्रदेश के पंचायत सचिव, पंचायत प्रधान पता करेंगे, उन्हें इस की ज्यादा जानकारी होती है।

इसलिए प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की खाद्य आपूर्ति विभाग यह काम ग्रामीण विकास विभाग को सौंपेगा। इसी के साथ दोनों विभागों में इसको लेकर बैठक भी हुई है। तथा इस बारे में गंभीरता से विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

125 असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल आफिसर और स्कूल प्रवक्ता बीपीएल और अंत्योदय में शामिल

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि 125 असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिकल आफिसर और स्कूल प्रवक्ता हिमाचल प्रदेश में ऐसे हैं, जिन्होंने बीपीएल और अंत्योदय राशनकार्ड बनाने का काम प्रदेश की पंचायत प्रधानों और सचिवोें की ही मिलीभगत से किया है।

20 डॉक्टर, 40 प्रवक्ता व अन्य उच्च अधिकारी भी शामिल

इसी के साथ जानकारी के मुताबिक बीपीएल श्रेणी वालों को केंद्र से जारी 5 किलो प्रतिव्यक्ति मुफ्त चावल भी 104 अफसरों ने डकार लिया है। इसमें 20 डॉक्टर, 40 प्रवक्ता व अन्य उच्च अधिकारी भी शामिल हैं। यह राशन पिछले माह ही डिपुओं में आवंटित हुआ है।

अब हिमाचल प्रदेश में पंचायतों में कार्ड बनाए जाने से पूरी जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग की होगी तथा उन्ही के ऊपर अब राशन कार्ड का जिम्मा सोपा गया है।

इस प्रिक्रिया से प्रदेश में कार्ड में घपला होने की आशंका नहीं

इसी के साथ खाद्य आपूर्ति विभाग का कहना है कि वर्ष 2013 से पहले भी पंचायतों में ही राशनकार्ड बनते थे। पंचायतों में सभी लोगों का रिकॉर्ड रहता है। जानकारी देते हुए यह कहा की अब हिमाचल प्रदेश में कार्ड में घपला होने की आशंका नहीं रहेगी। इस प्रिक्रिया से जनता को बेहद लाभ मिल पायेगा।

Rural development department in Himachal Pradesh now responsible for making digital ration card, food supply department alert on card scam

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