टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन ने उठाई मांग, कोरोना काल में हो रही विभिन्न प्रकार की परेशानी

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन कारोबारियों को पंजीकृत होटलों के कमरों के आधार पर लोन देने की मांग उठाई गयी हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इस योजना के तहत होटल कारोबारियों को 15 लाख रुपए तक का लोन

को-ऑपरेटिव बैकों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाए। बताया जा रहा है ताकि पर्यटन उद्योग को कुछ राहत मिल सकें।

हिमाचल प्रदेश में फैले कोरोना महामारी की बजह से प्रदेश में टूरिस्ट विभाग बहुत घाटे में चल रहां है। यह मांग टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन ने उठाई है।

जिस से उनको थोड़ी राहत मिल पाएगी। इसी के साथ एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र सेठ ने कहा कि पर्यटन उद्योग पर संकट गहराता जा रहा है।

एसओपी के मुताबिक पर्यटकों को 05 दिन के लिए होटल में बुकिंग और कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है

हिमाचल प्रदेश में सभी पर्यटन इकाइयां 21 मार्च से बंद की गयी हैं। साथ ही सरकार द्वारा होटल खोलने की अनुमति तो दे दी गई है। मगर कड़े नियमों के साथ पर्यटक हिमाचल प्रदेश आने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

साथ ही पर्यटन विभाग द्वारा एसओपी के मुताबिक पर्यटकों को 05 दिन के लिए होटल में बुकिंग और कोविड नेगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। जानकारी के अनुसार ऐसे में कोई भी पर्यटक हिमाचल प्रदेश आने में रुचि नहीं दिखा रहा है।

जबकि अन्य पड़ोसी में 72 घटों तक के लिए कोई भी बिना ई-पास व टेस्ट करवाए जा सकता है। जिस से प्रदेश में टूरिस्ट की कमी सामने आ रही है।

हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार को केवल स्टेट बॉर्डर्स पर ही टूरिस्ट की एंट्री का प्रावधान करना चाहिए

जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की उन्होंने मांग उठाई है कि अन्य राज्यों की तरह 72 घटों तक के लिए पर्यटकों को आने की अनुमति दी जाए ताकि पर्टयक यहां आ कर अपनी हिमाचल यात्रा को रोमांचित कर सके। ताकि 06 महीने से बंद उद्योग को राहत मिल सके।

इसी के साथ हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार को केवल स्टेट बॉर्डर्स पर ही टूरिस्ट की एंट्री का प्रावधान करना चाहिए।

इसी के साथ उन्होंने कहा की केवल उन्हीं पर्यटकों को हिमाचल प्रदेश में आने की अनुमति दी जाए जिनके पास पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत होटलों में बुकिंग हो, ताकि उनका रिकॉर्ड रखा जा सके। इसी के साथ महेंद्र सैठ ने कहा कि पर्यटन उद्योग सीजनल इंडस्ट्री है।

पर्यटक सीजन से पहले ही लॉकडाउन की बजह से पर्यटन इकाइयों की किस्तें डिफाल्ट में चली गईं

इसी के साथ बैंकों से लिए गए ऋण सीजन के दौरान ही रेगुलर किए जा सकते हैं। जानकारी के अनुसार वर्तमान स्थिति में पर्यटक सीजन से पहले ही लॉकडाउन हो गया है।

इस कारण ज्यादातर पर्यटन इकाइयों की किस्तें डिफाल्ट में चली गईं। जिस बजह से होटल के अधिकारियो को बहुत सी इस कारण भी उन्हें अन्य प्रकार के लोन नहीं मिल पा रहे हैं।

साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाए और पर्यटन कारोबारियों को राहत प्रदान की जाए।

साथ ही अन्य राज्यों से हिमाचल प्रदेश की यात्रा के लिए आने वालो पर्टयकों को भी थोड़ी राहत मिल मिल सके।

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