कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण कार्य पर रोक के आदेश जारी, डीएफओ बिलासपुर ने एनएचएआई मंडी के परियोजना निदेशक को भेजा आदेश

हिमाचल प्रदेश में अकसर चर्चा में रहे कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन के निर्माण कार्य पर रोक के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार डीएफओ बिलासपुर ने एनएचएआई मंडी के परियोजना निदेशक को भेजे

आदेशों में यह कहा गया है कि जब तक संशोधित रोड अलाइनमेंट की किसी सक्षम अधिकारी से मंजूरी नहीं ली जाती तब तक यह काम बंद

रहेगा। बताया जा रहा है की फोरलेन का काम बंद न करने के चलते पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्रालय देहरादून ने हिमाचल प्रदेश सरकार को दूसरा रिमाइंडर नोटिस जारी कर दिया है।

स्वीकृति लिए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना वन अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा

इसी के साथ बताया जा रहा है की मंत्रालय ने पत्र में कहा है कि सक्षम अधिकारी की स्वीकृति लिए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना वन अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा।

इसी के साथ हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक से इस संबंध में जवाब तलब किया है।

इसी के साथ बताया जा रहा है की यह पत्र पर्यावरण मंत्रालय के देहरादून स्थित कार्यालय से 13 अगस्त को जारी किया गया है। इसी के साथ मंत्रालय के दो नोटिसों के बावजूद फोरलेन का काम अभी जारी है।

वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों के तहत अनुमोदन नहीं लिया जाता

प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 जून को मंत्रालय ने बिना अनुमति से रोड अलाइनमेंट प्लान को बदलने पर कीरतपुर-नेेरचौक फोरलेन निर्माण को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की पत्र में लिखा था कि जब तक वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों के तहत अनुमोदन नहीं लिया जाता और केंद्र सरकार की पूर्वानुमति लिए निर्माण कार्य जारी रखा जाता है।

माह बीत जाने के बाद भी उक्त फोरलेन का निर्माण कार्य जारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की अग्रिम वन संरक्षण अधिनियम 1980 का उल्लंघन समझा जाएगा। इसी के साथ एक माह बीत जाने के बाद भी उक्त फोरलेन का निर्माण कार्य जारी है।

इसी के साथ अब फिर से नोटिस जारी किया है। उप महानिरीक्षक वन कार्यालय अध्यक्ष तपीश चंद्र नौटियाल ने इस मामले की पुष्टि की है।

पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्रालय देहरादून को इस की शिकायत की थी

इसी के साथ फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महा सचिव मदन लाल शर्मा, उप प्रधान अशोक शर्मा ने बताया की उन्होंने पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्रालय देहरादून को इस की शिकायत की थी। उसके बाद ही डीएफओ ने इस संबंध

में आदेश जारी किए। इसी के साथ बताया जा रहा है की डीएफओ बिलासपुर सरोज भाई पटेल ने एनएचएआई के निदेशक को काम रोकने के आदेश जारी किए हैं।

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