हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए एक अहम कदम उठाने की योजना, टीवी के माध्यम से भी छात्रों को पढ़ाने की तैयारी

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए एक अहम कदम उठाने की योजना बनाई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब लोकल केबल की जा रही है। बताया जा रहा है की केंद्रीय सचिव स्कूल शिक्षा अनिता करवाल के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस में हिमाचल प्रदेश सरकार ने इस योजना को साझा किया साथ ही हिमाचल प्रदेश के

शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि कुल साढ़े आठ लाख विद्यार्थियों में से करीब नब्बे हजार बच्चों तक अभी पूरी तरह से पहुंच नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐसे में दूरदर्शन, रेडियो, व्हाट्सएप ग्रुप के बाद अब लोकल केबल टीवी के विकल्प पर भी विचार जारी है।

वीडियो कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा सचिव स्कूल शिक्षा ने दी जानकारी

जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इसके अलावा स्मार्ट मोबाइल फोन से वंचित बच्चों तक नोट्स भी पहुंचाए जा रहे हैं। साथ ही सचिवालय में मंगलवार दोपहर बाद हुई वीडियो कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा सचिव स्कूल शिक्षा ने जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना संकट के दौरान बाहरी राज्यों से लौट रहे प्रवासी कामगारों के बच्चों को भी स्कूलों में दाखिला दिया जाए ताकि उन की शिक्षा में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो।

योजना को लेकर हुई बैठक के दौरान नई शिक्षा नीति को भी जल्द से जल्द लागू करने की योजना

जानकारी के अनुसार प्रमाणपत्र लेने के लिए बहुत अधिक औपचारिकताओं में उन्हें न उलझाया जाए ताकि छात्रों को ज्यादा परेशानी ना हो। साथ ही कई प्रवासियों के पास अभी सभी दस्तावेज नहीं है। ऐसे में उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। जानकारी के अनुसार इस योजना को लेकर हुई बैठक के दौरान नई शिक्षा नीति को भी जल्द से जल्द लागू करने को कहा गया।

हिमाचल प्रदेश का पक्ष रखते हुए शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि दूरदर्शन के माध्यम से छात्रों को पढ़ाई करवाई जा रही है, तथा उन्हें टीवी के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है। ऑल इंडियो रेडियो से भी दसवीं-जमा दो कक्षा की पढ़ाई जल्द शुरू की जाएगी।

शिक्षक बच्चों के घरों में जाकर उन्हें दस-दस दिन का काम देकर आ रहे

साथ ही हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल स्पीति जिला के दुर्लभ स्थानों में शिक्षक क्षेत्रो में जा कर बच्चों के घरों में जाकर उन्हें दस-दस दिन का काम देकर आ रहे हैं। इसी के साथ दस दिन बाद जाकर शिक्षक काम की जांच की जा रही है। हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मोबाइल फोन से वंचित छोटे बच्चों को वर्क बुक दी जा रही है। इसी के साथ बड़े बच्चों को नोट्स उपलब्ध करवाए जा रहे हैं ताकि छात्रों को अच्छे से और सुचारु रूप से शिक्षा प्रदान की जाए।

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