कांगड़ा में संचालित क्लीनिकल लैबोरेटरीज को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, बिना पंजीकरण के कर रही कार्य

हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े जिले कांगड़ा में संचालित क्लीनिकल लैबोरेटरीज को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे जिले में केवल 47 लैबोरेटरीज ही स्वास्थ्य विभाग के पास पंजीकृत हैं।

बताया जा रहा है की अन्य सभी लैब्स बिना पंजीकरण के ही हिमाचल प्रदेश में चल रही हैं। इन अनाधिकृत लैब्स की डिटेल स्वास्थ्य विभाग के पास भी उपलब्ध नहीं है।

अहम बात यह है की ऐसे में मरीजों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को भी नकारा नहीं जा सकता है। हिमाचल प्रदेश में ऐसी बहुत से लैब है जो बिना पंजीरकण के भी हिमाचल प्रदेश में कार्य क्र रही है।

प्राइवेट पैथोलॉजी लैब को स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण करवाना होता है

प्राप्त जानकारी के अनुसार दरअसल नियमों के मुताबिक प्राइवेट पैथोलॉजी लैब को स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण करवाना होता है। इसी के साथ हर साल इनका नवीनीकरण भी होता है।

ताकि यह ज्ञात हो सके की यह लैब अपना कार्य सही से कर रही है या नई हैरत की बात तो यह है कि लंबे समय से हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में बिना पंजीकरण के कई लैब चल रही हैं।

02 लैबों में दबिश देकर व उन लैबों के अनाधिकृत पाए जाने पर उनसे जुर्माना वसूला गया

लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गयी है। हालांकि बताया जा रहा है की विभाग की मानें तो अभी कुछ माह पहले ही जिला की 02

लैबों में दबिश देकर व उन लैबों के अनाधिकृत पाए जाने पर उनसे जुर्माना वसूला गया है। साथ ही अन्य लैबो पर भी निगरानी रखी जा रही है।

क्लीनिक एक्ट के तहत 10 हजार से लेकर 02 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान

प्राप्त जानकारी के अनुसार बता दें कि बिना पंजीकरण के लैब चलाने पर क्लीनिक एक्ट के तहत 10 हजार से लेकर 02 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान इस के उलघन पर है।

अगर कोई व्यक्ति नई लैब खोलता है, तो तय समय के भीतर लैब का स्वास्थ्य विभाग के पास पंजीकरण करवाना जरूरी होता है।

मानकों के पूरा न होने पर लैब्स को बंद तक किया जा सकता है

ऐसा न करने पर उस पर कड़ी कार्रवाई करने का भी प्रावधान हैं। इसके बावजूद कांगड़ा में इस तरह की निजी लैब्स का संचालन हो रहा है और ये सभी विभागीय कार्रवाई करने से बच रहे हैं। इसी के साथ नियमों के तहत मानकों के पूरा न होने पर लैब्स को बंद तक किया जा सकता है।

बताया जा रहा है की वहीं स्वास्थ्य विभाग की मानें तो कोरोना के चलते इन लैब्स के खिलाफ अभियान छेड़ने में जरूर बाधा आई है।

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही लैब पर शिकंजा कसा जाएगा

लेकिल जल्द ही बिना रजिस्ट्रेशन के चल रही लैब पर शिकंजा कसा जाएगा। इसके अलावा यदि कोई इस तरह की लैब को लेकर विभाग के पास शिकायत लाता है। तो उस पर संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई होगी। हिमाचल प्रदेश में ऐसे बहुत सी लैब है जो बिना पंजीकरण के कार्य कर रही है।

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