किसी भी सरकारी कर्मी को 03 वर्ष से अधिक की अवधि के पश्चात सरकारी आवास में रहने की इजाजत न दी जाए

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने जेल व सुधारक सेवा विभाग को यह सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए हैं, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि वह सरकारी आवास को आबंटित करने के लिए बनाए गए नियमों में कोई ढील न दी जाए, इसी के साथ बताया जा रहा है।

सरकारी आवास आबंटन के लिए बनाए स्टैंडिंग ऑर्डर्स की पूर्णता पालना की जाए

कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सरकारी आवास आबंटन के लिए बनाए स्टैंडिंग ऑर्डर्स की पूर्णता पालना की जाए। जानकारी के मुताबिक किसी भी कर्मी को 03 वर्ष से अधिक की अवधि के पश्चात सरकारी आवास में रहने की इजाजत न दी जाए।

अवैध तरीके से सरकारी आवास को रखते हुए उसे सोचना चाहिए

इसी के साथ न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान व न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने जेल वॉर्डर की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अवैध तरीके से सरकारी

आवास को रखते हुए उसे सोचना चाहिए था। इसी के साथ बताया जा रहा है कि उसने दूसरे के अधिकार का हनन कर ऐसा किया है।

22 अगस्त, 2020 को जारी विभाग के आदेश को याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी

हिमाचल प्रदेश में कोई भी कानून या दिशा-निर्देश इस कृत्य को अवज्ञा करार देने से नहीं रोक सकता। इसी के साथ बताया जा रहा है की याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार प्रार्थी ने 22 अगस्त, 2020 को जारी विभाग के आदेश को याचिका के माध्यम से चुनौती दी थी।

16 अप्रैल, 2012 को जेल वार्डर के पद पर जिला जेल केथू में तैनात किया गया था

इसी के साथ जिसके तहत विभाग ने 03 वर्ष की अवधि समाप्त होने के पश्चात उसे सरकारी आवास खाली करने के आदेश जारी किए थे। इसी के साथ प्रार्थी 16 अप्रैल, 2012 को जेल वार्डर के पद पर जिला जेल केथू में तैनात किया गया था।

प्रावधानों के अनुसार उसे 03 साल के बाद सरकारी आवास को खाली करना था

प्राप्त जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल 2017 को उसे सरकारी आवास आबंटित किया गया था। मगर बताया जा रहा है की प्रावधानों के अनुसार उसे 03 साल के बाद सरकारी आवास को खाली करना था।

इसी के साथ न्यायालय ने प्रार्थी की याचिका को प्रावधानों के विपरीत पाते हुए खारिज कर दिया।

खाली न करने पर 1000 प्रतिदिन के हिसाब से विभाग को पीनल रेंट के तौर पर अदा करना होगा

इसी के साथ न्यालय ने साथ ही प्रार्थी को यह आदेश जारी किए कि वह 13 सितंबर, 2020 तक सरकारी आवास खाली कर दे, वरना उसे 1000 प्रतिदिन के हिसाब से विभाग को पीनल रेंट के तौर पर अदा करना होगा।

इसके अलावा उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसी लिए हिमाचल प्रदेश में कर्मी को 03 साल से ज्यादा सरकारी आवास नहीं मिल पायेगा।

No government worker should be allowed to stay in government accommodation after more than 03 years

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