हिमाचल में फर्जी राशन कार्ड से गरीबों परिवार के हिस्से का सस्ता राशन हड़पने और उसकी कालाबाजारी करने का मामला आया सामने

हिमाचल प्रदेश में फर्जी राशन कार्ड से गरीबों परिवार के हिस्से का सस्ता राशन हड़पने और उसकी कालाबाजारी करने का मामला सामने आने से प्रदेश में हड़कंप ममच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोप है कि सस्ते राशन की दुकान के संचालक ने पहले रिकॉर्ड में

हेराफेरी कर लाखों रुपये का गरीबों का राशन हड़पा और इसके बाद जब नागरिक आपूर्ति विभाग ने विभागीय जांच शुरू की तो आरोपी ने जांच में पकड़े जाने से बचने को रिकॉर्ड गायब कर पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

सोलन की कसौली तहसील के घारसी निवासी एक व्यक्ति ने विजिलेंस से शिकायत की थी

बताया जा रहा है की हिमाचल के जिला सोलन की कसौली तहसील के घारसी निवासी एक व्यक्ति ने विजिलेंस से शिकायत की थी इस मामले को लेकर। इसके बाद दुकान संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई। तथा पुरे मामले की जांच की जा रही है।

इसी के साथ घारसी गांव के दिनेश कुमार ने विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत की कि फेयर प्राइस शॉप का संचालक उमा दत्त 53 फर्जी राशन कार्डों की मदद से सस्ते राशन की कालाबाजारी करता है तथा गरीब लोगो के राशन की हेरा फेरी करता है।

शिकायत पर ब्यूरो ने प्रारंभिक जांच शुरू की और नागरिक आपूर्ति विभाग से रिकॉर्ड तलब किया

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की शिकायत पर ब्यूरो ने प्रारंभिक जांच शुरू की और नागरिक आपूर्ति विभाग से रिकॉर्ड तलब किया है। इसी के साथ विभाग के इंस्पेक्टर गिरीश नेस्टा और धर्मेश शर्मा की रिपोर्ट में पता चला कि उमा दत्त ने जून और सितंबर

2016, फरवरी से दिसंबर 2017 और जनवरी 2018 से अक्तूबर 2018 में विभाग को डिपो की गलत जानकारी भेजी है। तथा सभी रिकॉर्ड गायब कर दिए है।

जून और जुलाई 2018 के अंत्योदय श्रेणी की चीनी की भी गलत जानकारी भी भेजी

साथ ही मिली जानकारी के अनुसार जून और जुलाई 2018 के अंत्योदय श्रेणी की चीनी की भी गलत जानकारी भी भेजी है। बताया जा रहा है की अगस्त 2017 का 700 किलो एपीएल श्रेणी का चावल, सितंबर 2017 का बीपीएल का 300 किलो चावल और एनएफएसए का

200 किलो चावल का ब्योरा भी संबंधित सेल और प्राप्ति रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया है। बताया जा रहा है की जानकारी के अनुसार यह भी पता चला कि दस किलो आटा व पचास किलो चावल की गलत जानकारी रजिस्टर में दर्ज की गयी है।

डीएफएससी ने जब जांच शुरू कराई तो उमा दत्त ने रिकॉर्ड गायब होने की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इस पर जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी (डीएफएससी) ने उस पर जुर्माना लगाया था। साथ ही बताया जा रहा है की डीएफएससी ने जब जांच शुरू कराई तो उमा दत्त ने रिकॉर्ड गायब होने की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी।

साथ ही प्रारंभिक जांच में पूरी जानकारी सामने आने के बाद ब्यूरो ने दुकान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है तथा उस पर करवाई की जा रही है। इसी के साथ बताया जा रहा है की इस ने डिपो चालक ने गरीबो के राशन में लाखो की हेरा फेरी की है।

In Himachal, a case of grabbing cheap ration of poor family’s share with fake ration card and black marketing of it came to light

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