आक्सीजन की कमी होने के बाबजूद 19 घंटे में 126 किलोमीटर दौड़कर हिमाचल में स्तिथ हामटा दर्रा और रोहतांग दर्रा किया पार, रचा इतिहास

हिमाचल प्रदेश में स्तिथ रोहतांग दर्रे को महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले किरण डिसूजा ने ऑक्सीजन की कमी के बीच हिमाचल प्रदेश के लोकप्रिय पर्टयक स्थान मनाली से 19 घंटे

में 126 किलोमीटर दौड़कर 4,290 मीटर ऊंचाई पर स्थित हामटा और 3,978 मीटर ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा पार किया।

04 सितंबर की रात 12 बजे मनाली के माल रोड से दौड़ शुरू की

प्राप्त जानकारी के अनुसार किरण डिसूजा ने 04 सितंबर की रात 12 बजे मनाली के माल रोड से दौड़ शुरू की। इसी के साथ उन्होंने प्रीणी, सेथन और हामटा दर्रा पार कर लाहौल-स्पीति के छतडू होते हुए रोहतांग दर्रा से वापस मनाली पहुंचे है।

पिछले 05 वर्षों से मनाली के नसोगी गांव में रह रहे है किरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस उपलब्धि और सफर को मनाली प्रशासन ने अपनी आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी अपलोड किया है। बताया जा रहा है की वह पिछले 05 वर्षों से मनाली के नसोगी गांव में रह रहे हैं। इसी के साथ वह विदेश में भी अनेक प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण खेल संस्थान के 02 प्रशिक्षक भी शामिल

किरण ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सफर को पूरा करने में उनके साथ अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण खेल संस्थान के 02 प्रशिक्षक भी शामिल थे। जहां पर लोगों को सांस लेना मुश्किल होता है, वहीं हामटा और रोहतांग दर्रा उन्होंने दौड़कर पार किया यह अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

05 सितंबर को शाम करीब 07 बजे मनाली पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने किरण का स्वागत किया

हिमाचल प्रदेश में स्तिथ यह हामटा दर्रा पार करने में 4 से 5 घंटे लगे और सांस लेने की समस्या आने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। इसी के साथ उनकी उपलब्धि पर जल्द ही फिल्म रिलीज होगी।

बताया जा रहा है की 05 सितंबर को शाम करीब 07 बजे मनाली पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने किरण का स्वागत किया।

एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने फेसबुक में जनता को दी जानकारी

इसी के साथ एसडीएम मनाली रमन घरसंगी ने फेसबुक में लिखा कि द रनिंग मैन किरण डिसूजा ने मनाली-हामटा, छतडू, रोहतांग होकर मनाली तक 126 किलोमीटर की दूरी 19 घंटे में पूरी की है।

किरण की इस उपलब्धि से सभी बेहद खुश है। उन्होंने आक्सीजन की कमी होने की के बाबजूद भी अपनी रनिंग जारी रखी और इस उपलब्धि को प्राप्त किया।

Despite the lack of oxygen, in 19 hours, after running 126 km, crossed the Hamta Pass and Rohtang Pass in Himachal, created history

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *