कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण कार्य को लेकर, DFO बिलासपुर से 05 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी

हिमाचल प्रदेश में बन रहे कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण से निकाले जा रहे है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है, की मलबे का वन भूमि, नालों, खड्डों और गोविंद

सागर झील में डंप करने के मामले में मुख्य अरण्यपाल बिलासपुर ने DFO बिलासपुर से 05 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है।

बिलासपुर DFO से कई बार उक्त विषय RTI के माध्यम से जानकारी मांगी

बताया जा रहा है की फोरलेन विस्थापित और प्रभावित समिति बिलासपुर DFO से कई बार उक्त विषय RTI के माध्यम से जानकारी मांगी, लेकिन जब समिति को जानकारी नहीं मिली तो इस मुद्दे को लेकर तत्कालीन मुख्य अरण्यपाल के पास अपील की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इसी के साथ बताया जा रहा है की अपील का निपटारा करते हुए तत्कालीन अरण्यपाल ने इस पर फैसला सुनाया था कि जहां-जहां सड़क निर्माण कंपनी ने अवैध डंपिंग की है।

02 माह के अंदर उसकी एक विशेष रिपोर्ट तैयार करके अरण्यपाल के कार्यालय में दी जाए

इसी के साथ 02 माह के अंदर उसकी एक विशेष रिपोर्ट तैयार करके अरण्यपाल के कार्यालय में दी जाए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है। DFO बिलासपुर अरण्यपाल के आदेशों को अनेदखा करते रहे।

वर्तमान मुख्य अरण्यपाल ने यह कार्रवाई की

इसी के साथ बताया जा रहा है की जिस पर वर्तमान मुख्य अरण्यपाल ने यह कार्रवाई की है। इस संबंध में प्रार्थी ने सभी संबंधित रेंज वन अधिकारियों को भी रिपोर्ट दर्ज करवाई।

इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की उक्त समिति ने चैनेज नंबर 147 जमा 600 से चैनेज नंबर 151 जमा 100 और बरमाणा ACC सीमेंट फैक्टरी को दिए लिंक चैनेज

नंबर 0 जमा 010 जमा 20 से लेकर 1 जमा 100 व 1 जमा 200 तक के रोड अलाइनमेंट प्लान की नियमानुसार मांग साल 2020 जून महीने में वनमंडलाधिकारी बिलासपुर के पास की थी।

Report on Kiratpur-Nerchauk Fourlane construction, sought from DFO Bilaspur within 05 days

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