नई शिक्षा निति को लेकर शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने शिक्षा नीति रोजगार लेने वाली निति बताया

शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने नई शिक्षा नीति पर हुई चर्चा के जवाब में गोविंद ठाकुर ने कहा कि नई शिक्षा नीति रोजगार लेने वाली निति है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्होंने बताया की यह रोजगार परक नीति है,

इसी के साथ बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इसे नई शिक्षा नीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति कहेंगे क्योंकि ये पूरे देश में लागू हो रही है। इसी के साथ महात्मा गांधी ने शिक्षा प्रणाली को ब्यूटीफुल ट्री कहा था।

शिक्षा निति को लागू करने के लिए छात्रों को बहुत से लाभ मिल पायेगा

इसी के साथ बताया जा रहा है की शिक्षा प्रणाली केवल एक सांचा है, जिसका कार्य वैसा मनुष्य बनाना है, जैसा आप चाहते हैं। इस शिक्षा निति को लागू करने के लिए छात्रों को

बहुत से लाभ मिल पायेगा। इस पर विचार करने से पहले हमें तय करना होगा कि हम कैसा मनुष्य चाहते हैं। तभी इसका लाभ मिलेगा।

34 साल बाद यह नई शिक्षा नीति सामने आई

उन्होंंने बताया कि पहली शिक्षा नीति वर्ष 1968 में आई, जिसके बाद 1986 और फिर 1992 में आई। इसी के साथ उन्होंने कहा की यह सतत प्रक्रिया है। जिसके तहत अब 34 साल बाद यह नई शिक्षा नीति सामने आई है।

देश के विकास के लिए अनिवार्य आवश्यकताओं को पूरा करना है

बताया जा रहा है की इस नई नीति का लक्ष्य देश के विकास के लिए अनिवार्य आवश्यकताओं को पूरा करना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की वर्ष 2040 तक भारत में ऐसी शिक्षा व्यवस्था का ढांचा बनाया जाएगा।

इसी के साथ जो किसी से पीछे नहीं होगा। समान रूप से गुणवत्ता युक्त शिक्षा सभी को मिले इसका ध्येय है।

इस शिक्षा निति को लागू करने में आर्थिक दृष्टि से भी कमी नहीं रहनी चाहिए

साथ ही उन्होंने कहा की इसको लागू करने में आर्थिक दृष्टि से भी कमी नहीं रहनी चाहिए। ऐसा प्रावधान रखा गया है। साथ ही मंत्री ने कहा कि शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद का छह फीसदी बजट कभी नहीं मिला है।

Regarding the new education policy, Education Minister Govind Thakur described education policy as a policy to take employment

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