प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे हिमाचल की सबसे महत्वपूर्ण अटल टनल का उद्घाटन

हिमाचल प्रदेश में लाहौल स्पीति में बन रहे अटल टनल का उद्घाटन आज किया जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की लाहौल स्पीति और कुल्लू के निवासीयो को बेहद राहत मिली है।

इसी के साथ आज उन्हें 06 माह तक बर्फ की कैद से मुक्ति मिलने वाली है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अटल टनल रोहतांग के उद्घाटन के पल को देखने के लिए लाहौल घाटी के लोग पलकें बिछाए हुए हैं।

सदियों में 06 महीने की बर्फ की कैद से आज लाहौल स्पीति के लोगों को आजादी मिल जाएगी

यह दिन उनके लिए बहुत बड़ी सौगात लेकर सामने आया है बताया जा रहा है की सदियों से 06 महीने की बर्फ की कैद से आज लाहौल स्पीति के लोगों को आजादी मिल जाएगी इस अटल टनल का कई लोग कई सालो से इंतजार कर रहे थे।

37 साल पहले इस सुरंग का संकल्प रखा गया था जो आज पूरा होगा

लाहौल घाटी के लोगों का अरसे से संजोया सपना आज पूरा होने जा रहा है जिस वजह से लोगो में बहुत सा उत्साह है आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुप्रतीक्षित अटल टनल का लोकार्पण करने जा रहे हैं।

37 साल पहले इस सुरंग का संकल्प रखा गया आखिर लंबे इंतजार के बाद वह क्षण आ ही गया है जब यह टनल बनकर तैयार हो गई है और उस को जनता को सौंप दिया जाएगा।

लोगों को अपने घरों में ही कैद रहने से मिलेगी आजादी

हिमाचल के जिला लाहौल स्पीति के लोग शेष विश्व से 06 महीने के लिए पूरी तरह से कट जाते हैं। लोकप्रिय और प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे पर बर्फ के पहाड़ जम जाते हैं तो दुनिया के अन्य हिस्सों में जाने का कोई भी रास्ता यहां के लोगों के पास नहीं होता है।

जिस वजह से अक्तूबर से लेकर मार्च-अप्रैल महीनों तक यहां के लोगों को अपने घरों में ही कैद होकर रहना पड़ता था।

सर्दियों में केलांग और उदयपुर को छोड़कर सारे बाजार बंद हो जाते

इसी के साथ केलांग और उदयपुर को छोड़कर सारे बाजार बंद हो जाते हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार आबादी वाले हिस्से में औसतन दस से बारह फीट तक बर्फ गिर जाती है। इसलिए

लोगों को 06 महीने के अनाज, राशन, पानी, लकड़ी, दवा आदि का प्रबंध पहले ही कर लेना पड़ता है भारी मात्रा में बर्फबारी पड़ने की वजह यह स्थान पूरी तरह से बर्फ से डक जाता है।

सर्दियों में कोकसर, डिंफू, योचे, छीका जैसे दूरदराज के गांव हिमखंडों की चपेट में आ जाते है

इसी के साथ कोकसर, डिंफू, योचे, छीका जैसे दूरदराज के गांव हिमखंडों की चपेट में आ जाते हैं। उच्च क्षेत्र होने की वजह से यहां के सभी रास्ते बर्फ की वजह से बंद हो जाते है।

जिस वजह से यहां के निवासियों को अपने घर छोड़ देने पड़ते हैं। ये कुल्लू, मनाली आदि में बस जाते हैं तथा मौसम खुलने के बाद फिर से अपने घरो में आ जाते है।

बीमारी या प्रसूता महिलाओं को प्रसव के दौरान होती थी बहुत परेशानी

वहां पर भी इनमें से अधिकतर लोग घर बना चुके हैं। सबसे पड़ी परेशानी बीमारी या प्रसूता महिलाओं को प्रसव के दौरान होती है। इस लिए संभावित तिथि से 06 महीने पहले ही महिलाओ को यहां से कुल्लू निकलना पड़ता है।

जिस वजह से बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मगर इस टनल से अब उन्हें इस परेशानी से भी पूरी तरह से मुक्ति मिल जायेगी।

इस महत्वपूर्ण अटल टनल में बनने से पहले बीते दस साल में बर्फ से ढके रोहतांग दर्रे में 110 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यहां पर बर्फ के बवंडर आए और कई बार हिमखंड भी गिर जाते है जिस से भी लोगो को मुक्ति मिल जायेगी।

Today, Prime Minister of India Narendra Modi will inaugurate the most important Atal tunnel in Himachal, a wave of enthusiasm in people

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